फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चचेरे भाई ने स्क्रैप कारोबारी की गोली मारकर हत्या की

विज्ञापन
वसीम ( फाइल फोटो)।
विज्ञापन
चचेरे भाई ने स्क्रैप कारोबारी की गोली मारकर हत्या की
विज्ञापन

झांसी। रविवार सुबह साढ़े दस बजे घर में बालू रखने को लेकर हुए विवाद में कोतवाली क्षेत्र निवासी स्क्रैप कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में चचेरे भाई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। घटना के बाद आरोपी फरार है।
बाहर ओरछा गेट निवासी वसीम कुरैशी (30) स्क्रैप का कारोबार करता था। मकान में उसके अलावा दो भाई व चाचा का परिवार रहता है। काफी समय से वसीम का संपत्ति के बंटवारे को लेकर चचेेरे भाइयों से विवाद चल रहा है। वसीम घर के पीछे अपने दूसरे मकान में निर्माण कार्य कराने की तैयारी कर रहा था। इसके लिए उसने रविवार सुबह बालू मंगवाकर अपने रहने वाले मकान में रखवाई। पुलिस के अनुसार चचेरे भाई जाहिद कुरैशी ने इसका विरोध किया। वसीम से घर में से बालू हटाने को कहा। इस पर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। परिजनों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन चचेरा भाई गुस्से में घर से लाइसेंसी रिवाल्वर लेकर आया और वसीम को गोली मार दी। सीने में गोली लगने से वसीम गंभीर घायल हो गया। घटना से घर में कोहराम मच गया। परिवार के लोग तुरंत वसीम को मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां चिकित्सकों नेउसे मृत घोेषित कर दिया। घटना की खबर पाते ही एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी, सीओ सिटी राजेश सिंह समेत कोतवाली, नवाबाद समेत कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। जाहिद कुरैशी की तलाश की गई, लेकिन उसका पता नहीं चला। आरोपी तक पहुंचने के लिए उसके रिश्तेदारों को हिरासत में लिया गया है।
विज्ञापन

लॉकडाउन से पहले रिश्तेदारों ने निपटा दिया था विवाद, नहीं माना था वसीम
चचेरे भाइयों के बीच जो विवाद चला आ रहा था। उसे लॉकडाउन लगने से पहले रिश्तेदारों ने बैठकर निपटा दिया था। मकान का हिस्सा छोड़ने के एवज मेें 70 लाख रुपये भी वसीम को मिलना तय हो गए थे। लेकिन, वसीम मानने को तैयार नहीं हुआ। जिसके चलते बात नहीं बन सकी थी। इसके बाद धीरे-धीरे विवाद और पनपने लगा। रविवार सुबह हुए विवाद के बाद आखिरकार वसीम की जान चली गई। लोग भी यह कह रहे थे कि अगर वसीम बात मान लेता तो शायद घटना नहीं होती।
तीन भाइयों में बसीम दूसरे नंबर का भाई था। वसीम के पिता अलाउद्दीन की मौत के बाद बड़े भाई फहीम ने कारोबार संभाला था। जिसके बाद धीरे-धीरे वसीम ने भी कारोबार में खासी पैठ बना ली थी। उसने दोनों भाइयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कारोबार को आगे बढ़ा दिया था। दोनों परिवारों के बीच खासी संपत्ति है। जिसके बंटवारे को लेकर लंबे समय से दोनों परिवारोें के बीच विवाद की रेखा खिंच गई थी। यह बात रिश्तेदारों को भी नागवार गुजरती थी। रिश्तेदारों ने भी कई बार पहल की, लेकिन बात नहीं बन सकी।
क्योंकि, दोनों ही परिवारों के लोग विवाद सुलझाने को तैयार नहीं थे। जिस मकान में घटना हुई है, उसके दो हिस्से में दोनों परिवार के लोग रहते हैं। एक हिस्से में वसीम के साथ उसके दोनों भाई व दूसरे हिस्से में जाहिद के साथ उसका भाई जाकिर भी रहता है। इस मकान के हिस्से के बंटवारे को लेकर भी विवाद चल रहा था।
रिश्तेदारों के मुताबिक लॉकडाउन से पहले मार्च में ही रिश्तेदारों ने 70 लाख रुपये में सुलह करा दी थी। लेकिन, वसीम मानने को तैयार नहीं था। इसके बाद रिश्तेदारों ने भी हस्तक्षेप करने से हाथ पीछे खींच लिए थे। मुख्य मकान के पीछे वसीम का एक और मकान है। इस मकान में वह काम कराने की तैयारी कर रहा था। रविवार सुबह बालू मंगाकर उसने मुख्य मकान में रखवा दी थी। इसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद जाहिद ने वसीम की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद से ही घर में कोहराम मचा हुआ है।
फरवरी में होनी था शादी
रिश्तेदारों के मुताबिक वसीम की फरवरी में शादी होनी थी। आगरा में उसका रिश्ता भी तय हो गया था। अगले माह शादी की तारीख भी रखी जानी थी। रविवार को हुए हादसे ने दोनों परिवारों को हिलाकर रख दिया है। घर पर लोगों व रिश्तेदारों का जमावड़ा भी लगा रहा।
यूथ में खासी पकड़ थी बसीम की
स्क्रैप कारोबारी होने के साथ-साथ वसीम की यूथ में खासी पकड़ थी। वर्तमान में वह शेर-ए-हिंद यूथ क्लब का अध्यक्ष भी था। वह समाजसेवा के कामों में भी बढ़चढ़कर भाग लेता था।
घटनास्थल पर लगा सीसीटीवी कैमरा निकला खराब
घटनास्थल के पास ही सीसीटीवी कैमरा भी लगा हुआ है। घटना के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने तुरंत सीसीटीवी कैमरा खंगालने के निर्देश दिए, लेकिन पता चला कि वह खराब है। ऐसे में कैमरा खराब होने के चलते पुलिस को मायूसी भी लगी।
घर के बाहर तैनात हुआ फोर्स
वसीम की हत्या के बाद घर के बाहर काफी फोर्स तैनात कर दिया गया है। हर आने-जाने वाले पर भी पुलिस निगाह रख रही है। एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी ने बताया यह विवादित मामला है, ऐेस में यहां कुछ दिनों तक फोर्स तैनात रहेगा।
विज्ञापन

आरपार निकल गई थी गोली
वसीम को दो गोलियां लगी थीं। पहली गोली सीने से आरपार निकल गई थी। जबकि, दूसरी गोली दाहिने कंधे में फस गई थी। पोस्टमार्टम के बाद कंधे में लगी गोली निकाल दी गई।
चार लोगों पर एफआईआर
मृतक वसीम के भाई सद्दाम की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने ज़ाहिद कुरैशी, रुबीना, साकिर कुरैशी व ज़ाकिर कुरैशी उर्फ मुन्ना पर एफआईआर दर्ज कर ली है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें