झांसी। प्रदेश के विकलांग जन कल्याण विभाग के सलाहकार व पसमांदा मुस्लिम
समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीस मंसूरी ने कहा कि पसमांदा मुस्लिम समाज की
हालत दलितों से भी बदतर है। यह सच्चाई सच्चर आयोग व रंगनाथ मिश्र आयोग की
रिपोर्ट में सामने आ चुकी है। केंद्र सरकार को संविधान के अनुच्छेद 341 पर
लगे धार्मिक प्रतिबंध को समाप्त करना चाहिए, ताकि पसमांदा मुस्लिम अनुसूचित
जाति की तरह आरक्षण का लाभ प्राप्त कर सकें।
जानकीपुरम कॉलोनी स्थित
पसमांदा मुस्लिम समाज के कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए अनीस
मंसूरी ने कहा कि प्रदेश सरकार पसमांदा मुस्लिम समाज से किए वादों को निभा
रही है। जो सरकारी अधिकारी व विभाग पसमांदा मुस्लिम समाज को नजरअंदाज
करेगा, उसका कच्चा चिट्ठा तैयार कर मुख्यमंत्री को दिया जाएगा। प्रदेश
सरकारसमाज के अधिकारों के प्रति गंभीर है। इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव
अहमद खां मंसूरी, मंडल उपाध्यक्ष गफ्फार मंसूरी, अब्दुल सलीम मंसूरी,
जिलाध्यक्ष मो. वाहिद हुसैन मंसूरी, महामंत्री रईस मंसूरी, इदरीश मंसूरी
आदि मौजूद रहे।
जबकि, इससे पूर्व इलाइट चौराहे पर समाज के लोगों ने
राष्ट्रीय अध्यक्ष का जोरदार स्वागत किया। इस मौके पर मौला बख्श मंसूरी,
मो. करीम पप्पू राईन, जमीला बानो, रफीक अहमद, सुल्तान भाई, हाफिज मोहम्मद,
हाजी आजाद, रहीम बख्श, अजमेरी मंसूरी, युसुफ खां आदि मौजूद रहे।