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व्यवस्था में फांस, थानों पर टूट रही आस

Sun, 17 Jun 2018 01:32 AM IST
amarujala
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police, jhansi news - फोटो : demo
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थानों पर अधिकतर मामलों की सुनवाई न होने से निराश फरियादी पुलिस अधिकारियों के पास पहुंच रहे हैं। शासन से लेकर बड़े अधिकारी तक पुलिस का चेहरा बदलने के लिए तमाम कोशिशें कर रहे हैं, लेकिन थानों पर तैनात पुलिस की कार्यशैली बदल नहीं रही। उधर, अफसर कह रहे हैं कि फरियादियों की बात थानाें पर ही सुनी जाए।
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प्रतिदिन एसएसपी की चौखट पर शिकायत लेकर पहुंचने वाले ऐसे फरियादी हैं, जिनकी शिकायत थानों पर नहीं सुनी गई। जिससे मजबूर होकर फरियादियों को एसएसपी से लेकर अन्य पुलिस अफसरों से शिकायत करनी पड़ रही है। शिकायतों का जिक्र करें तो थाना बरुआसागर के चिपलौटा में रहने वाला एक ग्रामीण 7 जून की रात अपने परिवार के साथ छत पर सो रहा था। इसी बीच उसकी पुत्री गायब हो गई। खोजबीन के बाद पता चला कि पड़ोस का रहने वाला युवक उसे बहला-फुसला कर भगा ले गया। शिकायत के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी।
वहीं, थान मऊरानीपुर के कुरैचानाका में रहने वाली राखी ने बताया कि उसकी शादी चार पहले हुई थी। शादी के बाद से ही ससुरालीजन उससे दहेज की मांग कर रहे हैं। पुलिस से भी शिकायत की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी।
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पिछले सप्ताह, मऊरानीपुर इलाके में रहने वाली एक महिला की रिपोर्ट दर्ज न होने के बाद उसने एसएसपी कार्यालय के बाहर हंगामा कर मिट्टी का तेल डाल लिया था। उसका आरोप था कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ है और मऊरानीपुर पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है।
एक नजर
- औसतन रोज हर अधिकारी के पास पहुंच रहे 8 से 10 मामले
- एसपी, एसएसपी और डीआईजी के दफ्तर में लोग लगाते हैं गुहार
- पुलिस के ट्विटर, व्हाट्सअप ग्रुप पर शिकायत करने का इंतजाम
- जनसुनवाई पोर्टल पर भी लिखित आवेदन कर सकते हैं पीड़ित
- जिले में सभी थानों पर रोजाना हो रहीं औसतन 50 से 60 शिकायतें
ऐसे करें ऑनलाइन एफआईआर
ऑनलाइन एफआईआर देखने के लिए यूपी पुलिस की वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद व्यू एफआईआर के ऑप्शन को क्लिक करना होगा। व्यू एफआईआर में दिए गए ऑप्शंस को भरें। इस दौरान एफआईआर नंबर, एफआईआर ईयर, डिस्ट्रिक्ट, थाना ऑप्शन फिल करने के बाद सर्च ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। जिसके बाद एफआईआर न्यू टैब में खुल जाएगी। यह सिस्टम सीसीटीएनएस के तहत शुरू किया गया है।
दर्ज हो रही रिपोर्ट
थानों पर फरियादियों की सुनकर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। कई मामले ऐसे होते हैं, जिनमें या तो पहले से रिपोर्ट होती है या फिर मामला अदालत में विचाराधीन होता है। ऐसे में दूसरे पक्ष पर दवाब बनाने के लिए शिकायत की जाती है। आमतौर पर मारपीट या फिर जमीन कब्जे के मामले होते हैं। थाने पर न जाकर सीधे कार्यालय आकर शिकायत करते हैं। एफआईआर काउंटर पर भी एफआईआर दर्ज की जा रही हैं।
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- विनोद कुमार सिंह, एसएसपी
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