झांसी। वाणिज्य कर कार्यालय में ई-संचरण के दायरे में आ रहे इच्छुक व्यापारियों को ट्रेनिंग देने का काम शुरू हो गया है।
वाणिज्य
कर विभाग ने पचास लाख से अधिक का वार्षिक टर्न ओवर का व्यापार करने वाले
व्यापारियों को एक जून से ई-संचरण से जुड़ना अनिवार्य कर दिया है। इस
व्यवस्था में व्यापारी को खुद ही अपनी आईडी पर फार्म 38 भरकर डाउन लोड करना
होगा। व्यापारी ने फार्म 38 (आयात घोषणा पत्र) में जो घोषणाएं की होगी,
उनको ही अंतिम माना जाएगा। अगर जांच के दौरान कोई विपरीत माल मिलता है तो
इसके लिए व्यापारी ही दोषी माना जाएगा।
ऐसी स्थिति में टैक्स चोरी मानते
हुए व्यापारी को शमन शुल्क जमा करना होगा। इस व्यवस्था से अवगत कराने के
लिए वाणिज्य कर कार्यालय में व्यापारियों को ट्रेनिंग दी जा रही हैं।