झांसी। लोकसभा चुनाव की मतगणना के बाद भोजला स्थित विशिष्ट मंडी स्थल में दुकानों की आवंटन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। मंडी परिषद की अगले माह पुरानी गल्ला मंडी को पूरी तरह से नई मंडी में ले जाने की योजना है।
किसान अपनी उपज आसानी से बेच सकें, इसके लिए बुंदेलखंड विशेष पैकेज के तहत बुंदेलखंड के सभी जनपदों में एक - एक विशिष्ट मंडी बनाई गई थी। झांसी में उन्नाव - बालाजी रोड पर ग्राम भोजला में मंडी का निर्माण किया गया है। पांच करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाई गई इस मंडी का निर्माण तीन साल पहले पूरा किया गया था लेकिन, इसमें अब तक दुकानों का आवंटन नहीं हो पाया है, जिससे मंडी वीरान पड़ी है। इसका उपयोग निर्वाचन कार्य के लिए किया जा रहा है। 23 मई को मंडी में लोकसभा चुनाव की मतगणना होगी।
पुरानी मंडी के कारोबारी दुकान के बदले दुकान मांग रहे थे, परंतु मंडी परिषद नियमों का हवाला देते हुए देने को तैयार नहीं था। इससे मामला फंसा हुआ था। मंडी परिषद की ओर से आवंटन की प्रक्रिया अपनाई भी गई थी। केवल नौ दुकानें ही आवंटित हो पाईं थीं। पुरानी कारोबारी इसमें शामिल नहीं हुए थे, परंतु फरवरी माह में शासन की ओर से पुरानी मंडी के लाइसेंसधारक दुकानदारों को नई मंडी में दुकान आवंटित करने का रास्ता खोल दिया गया था। लेकिन, लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता के चलते यह मसला कागजों में ही बना रहा।
चुनाव की मतगणना के बाद आचार संहिता खत्म हो जाएगी। इसके बाद से मंडी परिषद आवंटन प्रक्रिया शुरू कर देगा। दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया और शर्तेें मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी तय करेगी, जबकि आवंटन डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी। मंडी परिषद के उप निदेशक चंद्रपाल तिवारी ने बताया कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता समाप्त होने के बाद एक सप्ताह में मंडी में दुकानों के आवंटन की औपचारिकताएं पूरी कर लीं जाएंगी। अगले माह तक पुरानी गल्ला मंडी पूरी तरह से नई मंडी में स्थानांतरित कर दी जाएगी।
नई मंडी में हैं 124 दुकानें
भोजला मंडी में तीन अलग - अलग श्रेणियों की 124 दुकानें हैं। ‘ए’ श्रेणी की 36, ‘बी’ श्रेणी की 40 और ‘सी’ श्रेणी की 48 दुकानें हैं। ‘ए’ श्रेणी की दुकानों का क्षेत्रफल 13 गुणा नौ मीटर है। दुकान के ऊपर केबिन, टॉयलेट, आगे नौ मीटर का बरामदा और ऊपर जाने की अलग से रास्ता है। ‘बी’ श्रेणी की दुकानों में भी यह सभी सुविधाएं हैं। बस उनका क्षेत्रफल ए श्रेणी से कम आठ गुणा ग्यारह मीटर है। जबकि, ‘सी’ श्रेणी की दुकानें छह गुणा नौ मीटर की हैं। इनमें उक्त सुविधाएं नहीं हैं।
पुरानी मंडी में बनेगा किराना बाजार
कानपुर रोड स्थित पुरानी गल्ला मंडी के नई मंडी में स्थानांतरित होने के बाद इस जगह का उपयोग किराना बाजार के लिए करने की योजना है। अभी किराना बाजार सुभाष गंज में है, लेकिन जगह की कमी और भीड़ की अधिकता के चलते यहां कारोबार दिनों दिन मुश्किल होता जा रहा है। इससे निपटने के लिए पुरानी मंडी में किराना बाजार बनाने की योजना है। इस पर तमाम किराना व्यापारी सहमत भी है।
ले जाई जा सकती है फल व सब्जी मंडी भी
पुरानी गल्ला मंडी के पास ही फल और सब्जी मंडी भी हैं। इन मंडियों में ट्रकों व छोटे वाहनों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे बाहर सड़क पर जाम की स्थिति बनी रहती है। गल्ला मंडी के यहां से चले जाने से यातायात व्यवस्था में कुुछ सुधार तो होगा, परंतु व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त फल और सब्जी मंडी के स्थानांतरित होने के बाद ही हो पाएगी। उल्लेखनीय है कि भोजला स्थित नई मंडी 100 एकड़ के बड़े क्षेत्र मेें फैली हुई है। यहां आसानी से तीनों मंडियों को स्थानांतरित किया जा सकता है। इससे किसान, कारोबारी और ग्राहकों को भी सुविधा होगी।