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Jhansi News: क्रिप्टोकरेंसी में मोटा मुनाफे के लालच में ठगे जा रहे कारोबारी

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अमर उजाला ब्यूरो



झांसी। क्रिप्टोकरेंसी के जरिये मोटा मुनाफे का झांसा देकर ठगी के कई मामले बुंदेलखंड में भी सामने आ चुके हैं। खासतौर से कारोबारी निशाना बन रहे हैं। पिछले छह माह में झांसी रेंज से ऐसे 19 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि जालसाजों को तलाशने के लिए विशेषज्ञ टीम लगाई गई है।



ठगी के लिए जालसाज कैंपेन, फर्जी वेबसाइट जैसे हथकंडों का सहारा लेते हैं। जालसाज नामी प्लेटफार्म से मिलते-जुलते नाम वाले एप बनाने के बाद इसका फेसबुक समेत सोशल मीडिया पर प्रचार करते हैं। इसके बाद लोगों को फंसाते हैं। इसी तरह कई बार जालसाज असली वेबसाइट की कॉपी के जरिये ठगी करते हैं। असली वॉलेट की तरह नकली वॉलेट तैयार करते हैं। इसे ऑनलाइन प्रमोट करके लोगों को फंसाते हैं। टेलिग्राम के जरिये भी क्रिप्टो के जरिये मुनाफा का लालच देकर जालसाज ठगी करते हैं।
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ऑनलाइन माध्यम के जरिये होने वाली धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरुकता अभियान चलाए जाते हैं। ऑनलाइन माध्यम से निवेश करने से पहले निश्चित तौर पर जांच-पड़ताल करनी चाहिए। जानकार व्यक्ति से मिलकर इसके बारे में समझना चाहिए। उसके बाद ही कोई कदम उठाना चाहिए। जिनकी तरफ से शिकायत आती है, पुलिस कार्रवाई करती है। - ज्ञानेंद्र सिंह, एसपी सिटी एवं साइबर क्राइम प्रभारी



केस एक- नई बस्ती निवासी एवं बर्तन कारोबारी पुनीत भार्गव के पास ऑनलाइन माध्यम से क्रिप्टो एक्सचेंज में निवेश का ऑफर आया। उसमें दिए नंबर पर कॉल लगाने पर बिटक्वाइन, ईथर समेत अन्य क्वाइन से भरपूर फायदा होने का लालच दिया। उनकी बातों में आकर उन्होंने दो लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। कुछ दिनों बाद वॉलेट ही दिखना बंद हो गया।



केस दो- चमनगंज निवासी राहुल अग्रवाल बिल्डिंग मैटेरियल की सप्लाई करते हैं। उनका कहना है कि बिटक्वाइन में बीस फीसदी का फायदा होने का लालच देकर उनसे वॉलेट में डेढ़ लाख रुपये डलवाए गए। पैसा जमा करने के बाद भी उनको लाॅगिंग, पासवर्ड नहीं मिला। छानबीन करने पर वॉलेट नकली निकला।



केस तीन - सिविल लाइंस निवासी शिवम केसरवानी भी साइबर ठगों का शिकार बन गए। उनका कहना है कि उनको टेलिग्राम ग्रुप के जरिए मोटे मुनाफे का लालच दिया गया। उन्होंने 45 हजार रुपये खाते में डाल दिए लेकिन, एप में लॉगिंग नहीं हो रहा है।



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बचाव के इन तरीकों का रखें ख्याल

- ऑनलाइन माध्यम से निवेश करने से पहले अपने अन्य स्रोतों से भी जानकारी एकत्र करनी चाहिए

- जिस भी ऑनलाइन प्लेटफार्म में निवेश करने जा रहे हैं तो सबसे पहले उसके बारे में पता करना चाहिए। उसके स्थानीय ऑफिस के बारे में पता करके वहां भी संपर्क करना चाहिए।
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- पूरा पैसा एक साथ नहीं लगना चाहिए। टोकन मनी के तौर पर पैसा जमा करना चाहिए।

- पैसा निवेश करने से पहले उसके कस्टमर केयर के बारे में जरूर से जानकारी करनी चाहिए। फर्जी एप में नियमित कस्टमर केयर नहीं होता है। अपने फोन से उनके नंबर पर फोन करना चाहिए।



डा. स्वतंत्र गुप्ता, साइबर अपराध विशेषज्ञ
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