सैय्यद तारिक अली
झांसी। परिवहन विभाग की कार्रवाई के दौरान थानों में बंद बसें अब आसानी से नहीं छूट सकेंगी। इसके लिए वाहन संचालक को सभी मानकों को पूरा करने का शपथ पत्र देना होगा। इसके बाद ही वाहन को छोड़ा जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं।
परिवहन आयुक्त चंद्रभूषण सिंह की ओर से जारी किए गए आदेश के अनुसार, प्राविधिक निरीक्षक द्वारा थानों में बंद बसों का तकनीकी निरीक्षण कर आख्या कार्यालय में प्रस्तुत की जाएगी। आख्या में बस की बॉडी मानक के विपरीत पाए जाने और परमिट की शर्ताें का उल्लघंन करने पर तीन से अधिक चालान हाेने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत पंजीकरण निलंबन की संस्तुति की जाएगी। परमिट अथवा बॉडी सही पाए जाने के साथ ही तीन से कम चालान होने पर भी बस संचालक को शपथपत्र देना होगा। बस संचालक को भविष्य में मानकों के विपरीत बस का संचालन नहीं करने का शपथपत्र देना होगा। ऐसी बसों को सिर्फ जुर्माने की राशि अदा करने के बाद थाने से छोड़ने की अनुमति दी जाएगी। निरीक्षण आख्या के अनुसार परिवहन विभाग के मानकों के अनुसार निर्मित नहीं पाई जाने वाली बसों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत पंजीकरण निलंबन के साथ ही फिटनेस निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। बस बॉडी कोड एआइएस 52, सिलीपर बस कोड एआइएस 119 के अनुरूप पाए जाने के बाद ही फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। उसके बाद ही बसें संचालित की जा सकेंगी। (संवाद)
वर्जन
यात्री बस संचालकों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए चेकिंग अभियान शुरू किया गया है। इसके साथ ही परिवहन आयुक्त की ओर से जारी किए गए आदेश के अनुसार, चेकिंग के दौरान थानों में जब्त बसों के संचालकों से मानक पूरे करने का शपथपत्र लिया जाएगा। - प्रभात पांडेय, संभागीय परिवहन अधिकारी