झांसी। बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते मध्य प्रदेश शासन ने उत्तर प्रदेश की बसों का राज्य में सात मई तक प्रवेश बंद कर दिया है। इसके चलते बृहस्पतिवार को झांसी से मध्यप्रदेश की ओर गईं बसों को मप्र की सीमा से लौटा दिया गया। इसके चलते यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। उधर, मप्र शासन की ओर से अचानक किए गए आदेश को लेकर बस संचालकों में हड़कंप मच गया। दोपहर बाद बसों का संचालन बंद होने से बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। यात्री अन्य साधनों से अपने गंतव्य तक पहुंचे।
मप्र की अधिकतर सीमा झांसी से लगी हुई है। झांसी से मध्यप्रदेश के दतिया, उन्नाव बालाजी, भांडेर, ओरछा, निवाड़ी, टीकमगढ़, शिवपुरी के लिए करीब 300 बसों का संचालन किया जाता है। बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण बढ़ने के चलते मप्र शासन ने उत्तर प्रदेश राज्य की बसों का मप्र में सात मई तक प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया। इस दौरान झांसी से मप्र के विभिन्न जिलों के लिए गईं करीब 60 बसों को बॉर्डर पर रोक लिया गया। बस चालकों को आदेश की जानकारी देकर बसों को वापस कर दिया गया। इसके चलते यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। इस दौरान सीमा क्षेत्र के आसपास जाने वाले यात्री पैदल चलकर अपने गंतव्य की ओर पहुंचे। जिन्हें लंबी दूरी तक जाना था, उन्हें मजबूरन लौटना पड़ा। वहीं झांसी के बस संचालकों को जब आदेश की जानकारी हुई तो उन्होंने बसों का संचालन बंद कर दिया। इसके चलते बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। तेज धूप में यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अन्य साधनों का इंतजाम करते दिखे। इसके अलावा मप्र जाने वाली रोडवेज बसों का संचालन भी बंद कर दिया गया है।
लंबी दूरी की बसों के लिए दिक्कत
मध्य प्रदेश के लिए बसों का संचालन बंद होने से सबसे अधिक परेशानी लंबी दूरी के लिए चलने वाली बसों के यात्रियों को होगी। दरअसल, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, शिवपुरी, कोटा की ओर से जाने के लिए झांसी में गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर से बसें आती हैं। प्राइवेट बस एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप यादव बताते हैं कि मप्र से बसों को लौटा दिया गया। बस संचालन ठप होने से नुकसान हो रहा है। वहीं जो यात्री बाहरी जिलों से आ रहे हैं, उनके लिए झांसी में बड़ी दिक्कत होगी। मप्र शासन को पहले सूचना देकर तब बसों का संचालन बंद करना चाहिए था।