झांसी। रोडवेज में लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे छह स्थायी परिचालकों को सेवा मुक्त कर दिया गया है। इनमें एक महिला परिचालक भी शामिल है। साथ ही अनाधिकृत रूप से यात्रियों को सफर करा रहे छह संविदा परिचालकों को भी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
मुख्यालय के निर्देश पर पिछले कुछ समय से झांसी परिक्षेत्र में उदासीन व लापरवाह चालक - परिचालकों को चिह्नित कर और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राम लवट ने बताया कि स्थायी परिचालक वीरेंद्र खरे, अवध बिहारी, किशोर सिंघल, वरुण प्रताप सिंह, शिवलाल व योगिता रानी लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे थे। इसके अलावा दिसंबर से जनवरी के बीच हुए औचक निरीक्षण में संविदा परिचालक ध्रुव कुमार, विश्व राज, अंकित कुमार, राजेंद्र सिंह, शिवराम सिंह और मनोज यादव बसों में अनाधिकृत रूप से सवारियों का ले जाते हुए पकड़े गए थे। इन सभी की सेवा समाप्त कर दी गई है।
कोरोना वायरस ने रोडवेज को डाला चिंता में
कोरोना वायरस ने रोडवेज के अधिकारियों को चिंता में डाल दिया है। त्योहार पर सरकारी बसों को पर्याप्त संख्या में यात्री भी नहीं मिल रहे हैं। हाल यह है कि कानपुर - लखनऊ रूट पर बसों को भरने के लिए एक से दो घंटे खड़ा होना पड़ा रहा है। जबकि चंद दिनों पहले तक ये बसें 15 से 20 मिनट में भर जाती थीं। अधिकारियों के अनुसार इस बार की होली पर अभी तक पिछले वर्ष की तुलना में पांच से दस प्रतिशत यात्री ही उपलब्ध हो रहे हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक केके शर्मा के अनुसार संभावना है कि जल्द ही यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।