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चीन के खिलाफ सभी के दिलों में धधकी आग, चीनी सामान की होली जलाई

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चीन की सेना द्वारा गलवान सीमा पर भारतीय सेना पर धोके से किए हमले के विरोध मैं चीन राष्ट्रपति का पु?
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झांसी। एलएसी पर 20 भारतीय जवानों की शहादत से बुधवार को लोग एक ओर जहां गम में डूबे रहे वहीं दूसरी ओर सभी के दिलों में चीन के खिलाफ आग धधकती रही। मोमबत्तियां जलाकर लोगों ने वीर जवानों की शहादत को सलाम किया। चीनी सामान की होली जलाकर चीन के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार किया। हर किसी की जुबां पर केवल एक ही बात थी कि भारत अब देर न करे, बल्कि चीन पर हमला बोले। वक्त आर-पार की लड़ाई का आ गया है। शुरुआत चीन की ओर से हुई है, जबकि अब इस लड़ाई का खात्मा भारत को करना चाहिए।
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आखिर कब तक हम चीन की नापाक हरकतों को बर्दाश्त करते आएंगे। एक न एक दिन तो हमें आरपार की लड़ाई लड़नी होगी, फिर अभी क्यों नहीं? जी हां, चीन पर हमला बोलने का यही सबसे सटीक समय है। वीर जवानों की मौत का हमें तत्काल बदला लेना चाहिए।
- विनय, सरांय मुहल्ला
हमारे दिए हुए पैसे का चीन हमारे खिलाफ ही इस्तेमाल कर रहा है। हमें चीनी सामान का बहिष्कार कर उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ तोड़नी होगी। धोखेबाज अपने आप पटरी पर आ जाएगा। सीमा पर सेना अकेले नहीं है, उसके पीछे पूरा देश खड़ा हुआ है।
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- सोम, मेवातीपुरा
जरूरत पड़ने पर देश का हर नागरिक सैनिक बनने को तैयार है। सेना के साथ-साथ देश के हर नागरिक का मनोबल ऊंचा है। चीन को जवाब देने का ये सबसे एकदम अनुकूल है। बगैर किसी देरी के भारत को अपनी ताकत का एहसास करा देना चाहिए।
- सुमित साहू, अंदर उन्नाव गेट
भारतीय जवानों की शहादत से देश के हर नागरिक को खून खौल रहा है। सभी चाहते हैं कि चीन को करारा जवाब दिया जाए। सरकार को देर नहीं करनी चाहिए और सेना को खुली छूट देनी चाहिए। हमारी सेना हर जवान की शहादत का माकूल जवाब देने में सक्षम है।
- राहुल, इतवारी गंज
कोरोना वायरस का संक्रमण फैलाने की वजह से चीन आज पूरी दुनिया में अलग-थलग पड़ गया है। भारत के पास अमेरिका, जापान, ताइवान जैसे बड़े देशों का साथ है। चीन को नेस्तनाबूद करने का यही सबसे सटीक समय है। सेना हमला बोले, पूरा देश साथ है।
- संजीव पाठक, रॉयल सिटी
चीन का इतिहास धोखेबाजी से भरा पड़ा है। 1962 में हिंदी - चीन भाई - भाई का नारा देकर चीन ने भारत पर हमला बोला था और इस बार बातचीत जारी रखते हुए सैनिकों पर हमला किया है। धोखेबाज दुश्मन को उसी की भाषा में जवाब दिया जाना चाहिए।
- वसुधा प्रेमानी, झोकनबाग
धोखेबाज चीन से अब बातचीत करने का समय नहीं है। वो बोली की भाषा नहीं जानता है। उसे गोली की भाषा में ही जवाब दिया जाना चाहिए। हमारे जवानों की शहादत को बेकार नहीं जाना चाहिए। चीन को अपनी इस भूल का करारा जवाब मिलना चाहिए।
- अभिषेक प्रताप, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय
चीन का कोई सामान हो या एप, अब हर चीनी चीज को टाटा, बाय - बाय कहने का वक्त आ गया है। इससे चीन की अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी, क्योंकि भारत की सवा अरब की आबादी उसके लिए एक बड़ा बाजार है। हर भारतीय को चीन से लड़ना होगा।
- अमित अग्रवाल, खत्रयाना
हमारी ही बदौलत चीन इतना ताकतवर हो गया है। यदि शुरू से ही हम चीनी सामान को नहीं अपनाते, तो आज ये हालात नहीं होते। चीन की इस नापाक हरकत का जवाब उसी की भाषा में देना होगा। यही सबसे अच्छा मौका है।
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- भरत अग्रवाल, मानिक चौक

सीपरी बाजार व्यापार मंडल चीन की हरकतों के विरोध अत्री चौराहा पर चीन का पुतला फूंका। संवाद न्यूज ?

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