झांसी। केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड में दलहन की अच्छी पैदावार को देखते हुए यहां दलहन हब बनाने की योजना पर काम चल रहा है। चालू वित्त वर्ष में ही ई-मंडी के पायलट प्रोजेक्ट की शुरूआत कर दी गई है। इसमें आठ राज्यों की 21 मंडियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा 12 राज्यों की 365 मंडियों की ओर से प्रस्ताव आ चुके हैं। कृषि मंत्रालय ने मार्च 2018 तक देश की 585 मंडियों को ई- प्लेटफार्म पर लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार खाद्यान्न का समर्थन मूल्य बढ़ाने व कर्जा माफी की पक्षधर है। पर, किसान तभी संपन्न होंगे, जब वह योजनाओं का लाभ लेंगे। यह बात उन्होंने बृहस्पतिवार को भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान ग्रासलैंड (आईजीएफआरआई) में आयोजित लाभार्थी किसान सम्मेलन में कही।
राधा मोहन ने कहा कि कृषि लागत को घटाने की दिशा में सरकार ने कई उपाय किए हैं। इसके तहत मिट्टी की जांच कर देश के 14 करोड़ किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड, जैविक खेती के प्रोत्साहन देने के लिए परंपरागत कृषि विकास योजना, नीम कोटेड यूरिया, उन्नत प्रजाति के बीज एवं रोपण सामग्री और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में किसानों को खेती के लिए रियायती दरों में पर्याप्त कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि दुग्ध सुरक्षा रखने के लिए देसी नस्लों की गोपालन के 29 राज्यों में 35 परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है। केंद्र दैवीय आपदाओं को लेकर गंभीर है, इस कारण राहत देने वाली हर योजना पर बजट बढ़ा दिया गया है। वाटर एक्सप्रेस की घटना में दिल्ली के प्रेस फोटोग्राफर की मौत के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर मौत के लिए कोई हत्यारा हो तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए, मगर ऐसा नहीं है। उनके साथ केंद्रीय शहरी विकास राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो व सांसद महेश गिरी भी मौजूद रहे।