झांसी। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत अनुदान का पैसा खर्च करने के एवज में सभी राज्य विश्वविद्यालयों से स्टीमेट मांगा गया था। प्रदेश में सिर्फ बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी ने ही इस्टीमेट भेजा है। रूसा द्वारा हाल ही में जारी किए गए रिमाइंडर में विश्वविद्यालयों द्वारा निर्देश की अनदेखी करने की बात सामने आई है।
रूसा के नवीन नियमों के तहत अब अनुदान के पैसे को खर्च करने के पूर्व निर्माण का पूरा खाका तैयार करवाना होगा। इसको एप्रूवल हेतु रूसा के पास भेजा जाएगा। शैक्षिक सत्र 2015-16 की शुरूआत में रूसा ने प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों को पांच साल में बीस करोड़ रुपये अनुदान देने की घोषणा की थी।
इसमें सात-सात करोड़ निर्माण और खरीद-फरोख्त तथा छह करोड़ रुपये उच्चीकरण हेतु खर्च करने हैं। विभिन्न किश्तों में यह पैसा जारी होना है। रूसा की ओर से विश्वविद्यालयों को अनुदान की रकम खर्च करने हेतु स्टीमेट मांगा गया था, लेकिन अधिकांश विश्वविद्यालयों ने इसकी अनदेखी कर दी। सिर्फ बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने ही स्टीमेट भेजा है। इस संबंध में रूसा ने विश्वविद्यालयों को पुन: रिमाइंडर भेजा है।