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विषय से इतर पढ़ाई, छात्रों के होे रही हवाई

Wed, 20 Jan 2016 01:09 AM IST
ब्यूरो
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में चल रहा पीएचडी का कोर्स वर्क कई छात्र-छात्राओं के ‘बाउंस’ हो रहा है। तय विषय के इतर और अंग्रेजी में ही पढ़ाए जाने से अधिकतर छात्र कुछ भी समझ नहीं पा रहे हैं।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में कोर्स वर्क शुरू हुए अभी एक सप्ताह ही बीता है लेकिन पढ़ाने के तौर तरीकों से यह विवादों में आ गया है। विश्वविद्यालय में प्रबंधन, हिंदी, एजूकेशन, कॉमर्स समेत दो दर्जन से अधिक कोर्सों के छात्रों को पीएचडी कोर्स वर्क कराया जा रहा है। हर विषय की कार्यप्रणाली अलग होती है, इसलिए कोर्स वर्क के दौरान विषयवार नहीं तो संकायवार कक्षाएं संचालित होनी चाहिए। मगर हो इसके बिल्कुल उलट रहा है।

बताया गया कि रोजाना सुबह 11 से एक और दोपहर 2 से 4 बजे तक दो सत्रों में चलने वाले पीएचडी कोर्स वर्क में अभी तक प्रबंधन, विज्ञान और सूचना एवं तकनीकी से संबंधित ही पढ़ाई कराई जा रही है। इसके चलते अन्य विषयों के विद्यार्थी कक्षाओं में मूर्ति बने बैठे रहते हैं।
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यह हाल तब है जब विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर छात्रों को पढ़ाया जाने वाला विषयवार अलग-अलग स्लेबस अपलोड है। प्रारंभिक शोध पढ़ाने की जगह मौजूदा समय में चार दिनों से एसपीएसएस सॉफ्टवेयर द्वारा टेस्ट की कैल्कुलेशन लगाना सिखाया जा रहा है। अधिकांश विषयों के छात्रों को इसकी जरूरत भी नहीं है।

लैपटॉप लेकर आने पर जोर
बताया गया कि छात्रों से लैपटॉप लेकर आने पर प्रशिक्षकों द्वारा जोर दिया जा रहा है, जबकि विश्वविद्यालय में लैब होने के बावजूद उसका उपयोग नहीं हो रहा है। इससे वह छात्र परेशान हैं, जिनके पास लैपटॉप है नहीं और आर्थिक स्थिति भी कमजोर है।

वहीं, एक ही स्मार्ट क्लास में डेढ़ सौ से अधिक छात्रों को बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि पीछे बैठे होने से उन्हें स्क्रीन पर लिखा दिखाई नहीं देता है। इस तरह तो यह कोर्स वर्क एक मजाक बनकर रह गया है।

आगरा में विषयवार, ग्वालियर में चल रहा संकायवार
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में पीएचडी कोर्स वर्क के लिए जो मौजूदा ढर्रा अपनाया गया है, वह अन्य विश्वविद्यालय से बिल्कुल इतर है। सूत्रों का कहना है कि आगरा विश्वविद्यालय में चल रहे कोर्स वर्क में विषयवार कक्षाएं लगवाई जा रही हैं, जबकि ग्वालियर में संकायवार। इसके अलावा भी कई विश्वविद्यालयों में भी संकाय या विषयवार कक्षाएं चल रही हैं, इससे छात्रों को विषय को सही से समझने का मौका मिल रहा है।

मामला संज्ञान में आया है, बुधवार को इस मुद्दे पर सभी डीन्स के साथ बैठक की जाएगी। इसके बाद छात्रों की सहूलियत के लिए कोई न कोई रास्ता निकाला जाएगा। - प्रो. सुरेंद्र दुबे, कुलपति
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