झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के एसएफएस गोपनीय विभाग में बाबू के कार्य नहीं करने से शिक्षकों के कई बिल भुगतान को लंबित हैं। शिक्षक लगातार विभाग के चक्कर काट रहे हैं।
गौरतलब है कि शिक्षकों को पेपर बनाने, कॉपी चेकिंग करने आदि कार्यों के पैसे मिलते हैं। स्ववित्त पोषित (एसएफएस) योजना के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों को बिलों के भुगतान के लिए एसएफएस गोपनीय विभाग में कार्यरत बाबू के हस्ताक्षर की आवश्यकता पड़ती है। बीती जुलाई को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कई बाबुओं का पटल परिवर्तन कर दिया गया था, जिसमें एसएफएस गोपनीय विभाग के बाबू भी शामिल थे।
सूत्रों के मुताबिक इसके बाद दूसरे बाबू को अन्य विभाग से स्थानांतरित कर वहां भेज दिया गया था, लेकिन उसने खुद को पद में सीनियर बताते हुए बिलों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। स्थानांतरित होकर आए बाबू का कहना था कि यह सब कार्य उससे कनिष्ठ लोगों को करने चाहिए।
इसके मद्देनजर उसको हटाकर वहां दूसरे का ट्रांसफर कर दिया गया। जब शिक्षक वहां बिलों पर हस्ताक्षर कराने पहुंचे तो बाबू ने पूर्ववर्ती कर्मचारी द्वारा चार्ज न देने की बात कहते हुए इससे इनकार कर दिया। इस तनातनी में कई शिक्षकों के बिल अभी तक वित्त विभाग में नहीं पहुंच पाए हैं, जिस कारण पिछले शैक्षिक सत्र का अभी तक उन्हें भुगतान नहीं किया जा सका है।
कुलसचिव पीएन प्रसाद के मुताबिक सोमवार को इस मामले को दिखवाकर जहां समस्या आ रही है, उसको दूर कर जल्द शिक्षकों के बिलों का भुगतान करवाया जाएगा।