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कैंपस में बिन पानी सब सून

Mon, 29 Feb 2016 01:44 AM IST
ब्यूरो
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय परिसर में 135 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करके बनाए गए आवासों का आवंटन होने जा रहा है, लेकिन जलापूर्ति के इंतजाम नहीं होने से वहां कोई जाने को तैयार नहीं है।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर में निवर्तमान कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय के कार्यकाल में कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम द्वारा चार मंजिला आवासीय भवन बनाया गया है, जिनका इन दिनों फिनिशिंग कार्य चल रहा है। अधूरा निर्माण होने के बावजूद सात नवंबर 2015 को इस भवन का उद्घाटन कर दिया गया था।

उद्घाटन के बाद लगातार विश्वविद्यालय द्वारा कार्यदायी संस्था को धनराशि जारी की जा रही है और संस्था इन भवनों में निर्माण कार्य करा रही है। जिन शिक्षकों, कर्मचारियों व अधिकारियों के पास फिलहाल सरकारी आवास नहीं है, उनसे विश्वविद्यालय प्रशासन ने आवेदन मांगे थे और उन आवेदनों के आधार पर जल्द ही आवंटन की सूची जारी होने जा रही है, लेकिन पेयजल आदि की सुविधाओं के अभाव में वहां तुरंत कोई भी रहने को तैयार नहीं है।
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बताया गया है कि विश्वविद्यालय व आवासीय परिसर में नारायण बाग के पास की एक बोरिंग से पानी की आपूर्ति की जाती है। गर्मी के मौसम में यह बोरिंग भी कभी-कभी साथ छोड़ देती है। बीयूआईसी (बुंदेलखंड विश्वविद्यालय अंतर्राष्ट्रीय केंद्र ) के पास विश्वविद्यालय ने पिछले दिनों एक बोरिंग कराई थी। यह भी फेल हो गई थी। इस कारण जो आवास वहां हैं, उन्हें भी पानी की आपूर्ति पर्याप्त रूप से नहीं हो पाती।

अब इन नए आवासों में भी पानी की आपूर्ति नारायण बाग वाले बोरिंग से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में अधिभार होने पर यदि यह बोरिंग भी फेल हो गई तो फिर पानी कहां से आएगा? यह सवाल वहां बसने वालों को चिंतित करने वाला है। अभी विश्वविद्यालय आवासीय परिसर में लगभग एक सैकड़ा आवास हैं। नए आवासों की संख्या भी 96 है। पेयजल समस्या दूर नहीं होने की स्थिति में परिसर में शिक्षकों, अफसरों और कर्मचारियों को काफी परेशानी हो रही है।

अभी तो पुराने संसाधनों से ही नए आवासों को पेयजल आपूर्ति दी जाएगी। इसका संयोजन अभी होना शेष है। इसके अलावा विश्वविद्यालय प्रशासन नई बोरिंग कराने पर विचार कर रहा है। यदि नई बोरिंग सफल हो गई तो फिर पेयजल की समस्या नहीं रहेगी।
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 धर्मपाल,  वित्त अधिकारी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी।
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