झांसी। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में मिली सफलता से बुंदेलखंड भगवामय हो गया है। बुंदेलखंड के सातों जिलों की लोकसभा और विधानसभा सीटों के साथ जिला पंचायत में भी सत्ता भाजपा के हाथ हो गई है। पार्टी ने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर ऐतिहासिक जीत हासिल की है। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ये जीत काफी अहम मानी जा रही है।
26 जून को नामांकन पत्र दाखिल होते ही बुंदेलखंड की झांसी, ललितपुर, चित्रकूट और बांदा सीट पर भाजपा की जीत तय हो गई थी। इस दिन झांसी में भाजपा प्रत्याशी पवन गौतम, ललितपुर में कैलाश नारायण निरंजन और चित्रकूट में बीजेपी प्रत्याशी अशोक जाटव ने ही नामांकन पत्र दाखिल किया था। बाकी, कोई भी प्रत्याशी अपनी दावेदारी पेश नहीं कर सका। वहीं, बांदा में भाजपा प्रत्याशी सुनील पटेल निर्विरोध निर्वाचित हो गए, क्योंकि यहां पर सपा-बसपा के प्रत्याशियों के नामांकन पत्र रद्द कर दिए गए थे। तीन जुलाई को जालौन, हमीरपुर और महोबा में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुए। नतीजे आए तो भाजपा के मुकाबले में खड़ी समाजवादी पार्टी समेत सभी राजनीतिक दलों की हवाइयां उड़ गईं। भाजपा ने बुंदेलखंड की इन तीनों सीटों पर एक तरफ विजय पताका फहरा दिया। महोबा से भाजपा समर्थित जय प्रकाश, हमीरपुर से बीजेपी की जयंती राजपूत और जालौन से घनश्याम अनुरागी ने जीत दर्ज की। इसके साथ ही अब जिला पंचायत अध्यक्ष पद की सातों सीटों पर भाजपा का कब्जा हो गया है।
झांसी, चित्रकूट छोड़ बाकी सीटों पर भाजपा ने बना लिए थे अध्यक्ष
वर्ष 2015 में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में बुंदेलखंड की सभी सातों सीटों पर सपा ने जीत हासिल की थी। हालांकि, जब 2017 में भाजपा की सरकार आई तो बुंदेलखंड में सिर्फ झांसी, चित्रकूट में ही सपा की जिला पंचायत अध्यक्ष ने पूरे पांच साल तक कार्यकाल पूरा किया। ललितपुर, बांदा, हमीरपुर में अविश्वास प्रस्ताव आने से भाजपा खाते में आ गई। जालौन में जिला पंचायत अध्यक्ष की मौत के बाद बीजेपी प्रत्याशी की जीत हुई। महोबा में सपा प्रत्याशी को अपनी कुर्सी का खतरा दिखा तो वह भाजपा में शामिल हो गए।
सभी 19 विधायक और चारों सांसद भी भाजपा के
2017 से बुंदेलखंड में भाजपा की जो हवा चली, वो अब तक कायम है। विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने रिकॉर्ड तोड़ 19 सीटें जीत ली थीं। इसके बाद 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भी चारों सीटों पर बीजेपी के ही सांसद चुने गए। अब 2021 में सभी जिला पंचायत अध्यक्ष की सीटें जीतकर विपक्ष का सूपड़ा ही साफ कर दिया है।