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बुंदेलखंड में दलहन-तिलहन को दिया जाएगा बढ़ावा

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झांसी। बुंदेलखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए यहां दलहन एवं तिलहन के उत्पादन पर जोर दिया जाएगा। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने इसके लिए अफसरों को निर्देश दिए हैं। इससे न सिर्फ खाद्य तेलों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी बल्कि किसानों की आय भी बढ़ाई जा सकेगी।
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योजना भवन से वर्चुअल माध्यम से आयोजित राज्य खरीद उत्पादकता गोष्ठी की अध्यक्षता करते कृषि मंत्री ने कहा बुंदेलखंड में दलहन एवं तिलहन का उत्पादन बेहतर हो सकता है। इसे बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है। कृषि मंत्री ने कहा सभी जिलों में हिसाब से पर्याप्त बीज एवं उर्वरक उपलब्ध है। किसानों को डीएपी 1200 प्रति बोरी सब्सिडी के साथ मिलेगी। विक्रेता खाद का मूल्य वॉल पेंटिंग के जरिए लिखवाएं। कृषि मंत्री ने फार्म मशीनरी बैंक को बढ़ावा देने की बात कही। इसकी मदद से किराए पर यंत्र लेकर किसान उत्पादन बढ़ा सकें। उन्होंने कहा गेहूं क्रय केंद्र 15 जून तक चलाए जाएंगे। गेहूं क्रय केंद्र पर किसान का उत्पीड़न ना होने पाए। कृषि मंत्री ने बरसात से पहले खेत तालाब योजना का काम पूरा कर लेने का निर्देश दिया। कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उत्पाद को बाजार अवश्य उपलब्ध कराने को कहा। अपर मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी ने पराली दो, खाद लो अभियान चलाने को कहा। मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने कहा कि मंडल में अस्सी प्रतिशत क्षेत्र दलहन व तिलहन का है। यहां उर्द, मूंग, तिल, अरहर, सोयाबीन एवं बड़ी मात्रा में मूंगफली का उत्पादन होता है। उन्होंने प्रोसेसिंग प्लांट की जरूरत बताई। सोलर पंप की समस्या भी सुलझाने की जरूरत बताई। जिलाधिकारी ने कहा उर्दू व मूंगफली के उन्नत बीज दिए जाएं। इस दौरान एनआईसी में संयुक्त कृषि निदेशक एसएस चौहान, प्रभारी डीडी केके सिंह, डीआर उदय भान सिंह, कृषि वैज्ञानिक पीके सोनी समेत अन्य उपस्थित थे।
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