झांसी। सोमवार को मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट से आपदाग्रस्त बुंदेलखंड को ढेरों उम्मीदें थीं, लेकिन, वित्त मंत्री क्षेत्र के लोगों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। बुंदेलखंड की बदहाली को दूर करने के लिए बजट में कोई खास उपाय नहीं किए जाने से लोगों में निराशा है।
सूखे की मार से बेजार हो चुके बुंदेलखंड के किसानों को अब सरकार का ही सहारा है, लेकिन, केंद्र सरकार ने किसानों को निराश ही किया है। जबकि, इस बार के आम बजट को आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा था। क्षेत्रीय लोगों को उम्मीद थी कि बुंदेलखंड में भाजपा की पकड़ मजबूत करने को यहां की बदहाली दूर करने के विशेष उपाय किए जाएंगे, परंतु बजट में ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला।
हालांकि, किसानों के कर्ज को कम करने के लिए बजट में पंद्रह हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, लेकिन यह देश के सभी किसानों के लिए है। बुंदेलखंड के अलग से कुछ नहीं किया गया है। इसी प्रकार देश के कुछ जिलों में खाद की सब्सिडी सीधे किसानों के खाते में भेजने का भी प्रावधान बजट में है, लेकिन अब इसमें बुंदेलखंड के कितने जिले शामिल है? यह भी नहीं खोला गया है।
इसके अलावा यूपीए सरकार की तर्ज पर एनडीए सरकार से भी बुंदेलखंड को विशेष पैकेज मिलने की उम्मीद जताई जा रही थी। किसान संगठन सरकार से लगातार इसकी मांग कर रहे थे, लेकिन यहां भी निराशा ही हुई है। साथ ही क्षेत्र में व्याप्त बेरोजगारी को दूर करने के लिए बजट में कोई उपाय नहीं किए गए हैं।
बुंदेलखंड को किया निराश: चंद्रपाल
राज्यसभा सांसद व सपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉॅॅॅ. चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि बजट में गरीब, गांव व किसानों का ख्याल नहीं रखा गया है। पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का बजट है। बजट में प्रधानमंत्री के वादों के क्रियान्वयन की कोई बात नहीं है। साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की बात ठीक वैसी ही है, जैसी चुनाव से पहले पीएम ने काला धन वापस लाने का वादा किया था। इसके अलावा बुंदेलखंड को बजट में कुछ नहीं दिया गया है। कुल मिलाकर बजट निराशाजनक है।
जनता की कमर तोड़ दी: प्रदीप
पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस नेता प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि रेल बजट ने निराश किया था, आम बजट ने आम जनता की कमर तोड़ दी। सूखे को दृष्टिगत रखते हुए बुंदेलखंड किसानों को बजट से भारी उम्मीद थी, परंतु सरकार ने निराश किया। न तो यहां खेती के लिए कोई विशेष कार्य किया और न ही औद्योगिकीकरण की दिशा में कदम उठाया। बुंदेलखंड को उसके हाल पर छोड़ दिया। सरकार ने जितना बजट एक बुलेट ट्रेन के लिए रखा, उतना ही पूरे देश के किसानों के लिए।
बजट से बढ़ेगी महंगाई: तिलक
बसपा के बुंदेलखंड प्रभारी व विधान परिषद सदस्य तिलक चंद्र अहिरवार ने कहा कि बजट में आम आदमी को राहत के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। सर्विस टैक्स में बढ़ोतरी करने से महंगाई बढ़ेेगी, जिसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ेगा। इसके अलावा केंद्र सरकार ने बुंदेलखंड की विषम परिस्थितियों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है। यहां के किसानों को कुछ नहीं दिया गया है। देश के आम बजट से हर ओर निराशा का आलम है।
आम आदमी के हित का बजट: संजय
भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष संजय दुबे ने कहा कि वित्त मंत्री ने आम आदमी के हित का बजट पेश किया है। बजट में किसान, मजदूर, गरीब, व्यापारी, युवा हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। बजट में किसानों के ब्याज पर छूट का प्रावधान किया गया है। किसानों के विकास की दृष्टि से सराहनीय बजट है। बजट में की गई घोषणा के बाद हर गांव तक बिजली व हर घर तक गैस सिलेंडर पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है।
आयकर सीमा नहीं बढ़ने से बजट ने किया निराश
सब हेड... आम बजट पर दिनभर गर्म रहा चर्चाओं का बाजार
झांसी। सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पेश किए गए आम बजट को लेकर संसद से सड़क तक चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। लोग बजट की बिंदुवार अपने-अपने ढंग से समीक्षा करने में जुटे रहे। आयकर सीमा नहीं बढ़ने से बजट ने लोगों को निराश किया।
टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय खन्ना ने कहा कि पहली बार घर खरीदने के लिए पचास हजार रुपये के ब्याज में छूट दी गई है। अगर मकान की कीमत पचास लाख से कम है। यह अच्छी पहल है। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट आफ इंडिया के चेयरमैन आर एस व्यास ने कहा कि बजट किसानों के विकास की दृष्टि से सराहनीय है। मध्यम वर्ग को भी थोड़ी राहत दी गई है।
जबकि, उच्च वर्ग के लिए इसे संतोषजनक ही कहा जाएगा। सीए नीमेष खन्ना ने कहा कि व्यापारी वर्ग के लिए टैक्स आडिट की छूट दो करोड़ तक की बिक्री पर है, इसके ऊपर वालों को टैक्स आडिट करवाना अनिवार्य होगा। यह प्रावधान पहली बार किया गया है। अधिवक्ता रामकुमार नीखरा ने कहा कि बजट में आयकर की सीमा बढ़ानी चाहिए थी। आयकर सीमा न बढ़ने से कर चोरी को बढ़ावा मिलेगा।
कर सलाहकार अधिवक्ता संजीव शर्मा ने कहा कि बजट में हेल्थ प्रोटक्शन स्कीम लांच कर एक लाख रुपये तक के कवरेज का प्रावधान दिया जाना सराहनीय है। झांसी टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेश्वर राय ने कहा कि बजट में ग्रामीण विकास पर जोर रहा, जो सराहनीय है। हालांकि, आशानुरूप आयकर की सीमा में वृद्धि नहीं की गई है। झांसी टैक्स बार एसोसिएशन के सचिव राजीव तिवारी ने कहा कि गृह ऋण पर ब्याज में मिलने वाली छूट बढ़ने की उम्मीद थी, परंतु इसमें निराशा हुई।
झांसी टैक्स बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष जितेंद्र कुमार खरे ने कहा कि आयकर की सीमा न बढ़ाने से आम आदमी को निराशा हुई है। हालांकि, धारा 87 ए की सीमा दो हजार से बढ़ाकर पांच हजार करना सराहनीय कदम है। टैक्स अधिवक्ता विनय सिजरिया ने कहा कि बजट को आम आदमी की अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के जिला सचिव शिरोमणि सिंह राजपूत के अनुसार बजट से महंगाई बढ़ेगी, जिसकी मार आम आदमी पर पड़ेगी। जबकि, उद्योगपतियों की जेब भरेगी।
वीरांगना प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन नेपाली ने कहा कि सर्विस टैक्स में बढ़ोत्तरी से सबकुछ महंगा होगा। हालांकि, सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस मशीन से राहत मिलेगी। माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडलीय अध्यक्ष लखन लाल यादव ने कहा कि आयकर सीमा न बढ़ाकर सरकार ने कर्मचारी विरोधी मानसिकता का परिचय दिया है। कांग्रेस के संगठन मंत्री सुधांशु त्रिपाठी ने बजट को बोगस बताया।
उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने की बात तो कही, परंतु कोई विजन नहीं बताया। स्टील, मेटल व इंजीनियरिंग वर्क्स फेडरेशन के सदस्य सैयद शहंशाह हैदर आब्दी ने कहा कि महंगाई व भ्रष्टाचार पर अंकुश को बजट में प्रावधान नहीं किया गया है। कांग्रेस के शहर उपाध्यक्ष मनोज गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने बजट में बुंदेलखंड की घोर उपेक्षा की है। वहीं, शहर कांग्रेस कमेटी की बैठक में मोदी सरकार के बजट को गरीब विरोधी व महंगाई को बढ़ाने वाला बताया।
-टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय खन्ना ने कहा कि पहली बार घर खरीदने के लिए पचास हजार रुपये के ब्याज में छूट दी गई है। अगर मकान की कीमत पचास लाख से कम है।
-सीए नीमेष खन्ना ने कहा कि व्यापारी वर्ग के लिए टैक्स आडिट की छूट दो करोड़ तक की बिक्री पर है, इसके ऊपर वालों को टैक्स आडिट करवाना अनिवार्य होगा।