फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसी के लिए मिलेगी बुंदेलखंड एक्सप्रेस

विज्ञापन
bundelkhand express
विज्ञापन
झांसी। रेलवे बोर्ड 12 अगस्त के बाद यात्रियों को उन रूटों पर राहत देने की तैयारी कर रहा है, जहां अभी सफर के लिए एक भी गाड़ी उपलब्ध नहीं है। झांसी रेल मंडल में ग्वालियर से वाराणसी के बीच चलने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस व कुछ पैसेंजर ट्रेनों के शुरू होने की उम्मीद है। इनके संचालन के लिए मंडल रेल प्रशासन तैयार है। बोर्ड से अनुमति मिलते ही इस गाड़ी में बुकिंग शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन

कोरोना महामारी के चलते रेलवे ने 23 मार्च से ट्रेनों का संचालन बंद कर रखा है। यात्रियों को राहत देने के लिए देश भर में 12 मई से अप और डाउन की 14 राजधानी स्पेशल और 01 जून से 200 स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया था। इनमें अप और डाउन की आठ राजधानी स्पेशल और 28 एक्सप्रेस ट्रेनें झांसी होकर गुजरने लगीं हैं। उम्मीद थी कि रेलवे बोर्ड एक जुलाई से ट्रेनों की संख्या बढ़ाएगा, लेकिन कोरोना संक्रमितों की लगातार संख्या बढ़ने के कारण 12 अगस्त तक नई ट्रेनें चलाने पर रोक लगा दी गई थी।
मगर, अब रेलवे बोर्ड 12 अगस्त के बाद ऐसे रूटों पर ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है, जहां अभी यात्रियों के लिए कोई गाड़ी उपलब्ध नहीं है। इसमें झांसी रेल मंडल का मानिकपुर रूट भी शामिल है। इस रूट पर ग्वालियर से वाराणसी के बीच चलने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस को चलाने की अनुमति मिल सकती है। बुंदेलखंड के यात्रियों के लिए महोबा, बांदा, प्रयागराज और वाराणसी जाने के लिए ये गाड़ी बेहद सुविधाजनक है। पूर्व में इस गाड़ी में प्रतिदिन तीन हजार से अधिक मुसाफिर सफर करते थे। इस ट्रेन को चलाने का प्रस्ताव भी मंडल रेल प्रशास ने बोर्ड के पास भेज रखा है। इसके अलावा झांसी- लखनऊ पैसेंजर और झांसी- खजुराहो पैसेंजर के भी चलने की उम्मीद है। पैसेंजर ट्रेनों को चेयरकार की तरह की आरक्षण दिया जाएगा, ताकि 15 रुपये अतिरिक्त आरक्षण शुल्क लेकर प्रत्येक यात्री को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठने के लिए सीट मिल सके। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस को चलाने का प्रस्ताव बोर्ड के पास भेजा गया है। अंतिम निर्णय बोर्ड को ही लेेना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें