बुंदेली भाषा के राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन अवसर पर साहित्यकारों ने बुंदेली पुस्तकों पर चर्चा करते हुए समीक्षा की। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि बुंदेली भाषा और सभ्यता के विकास के लिए हर संभव प्रयास करना होगा।
बुंदेलखंड होटल में आयोजित अखिल भारतीय बुंदेलखंड एवं संस्कृति परिषद के राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन प्रदेश कांग्रेस के महासचिव बृजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि वह बुंदेली भाषा और सभ्यता को बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और सबको इस ओर ध्यान देना होगा। उन्होंने समारोह के सफल संचालन पर अध्यक्ष कैलाश मढ़वैया को धन्यवाद दिया। नातीराजा मधुकर शाह जूदेव का आभार जताया। समारोह के पहले सत्र में साहित्यकारों ने अपने लेख पढ़े। दूसरे सत्र में बुंदेली पुस्तकों और पत्रिकाओं के विकास और भाषा पर चर्चा के साथ समीक्षा की गई। वहीं, तीसरे सत्र में परिषद की जिला इकाइयों की प्रगति और पत्रों की समीक्षा की गई। इस दौरान सागर संभाग का प्रसिद्ध बुंदेली राई नृत्य और नोरता का आयोजन किया गया। परिषद के संरक्षक मधुकर शाह जूदेव अस्वस्थ होने के कारण समारोह में शामिल नहीं हो सके। कार्यक्रम में उमाशंकर खरे, डॉ. दुर्गेश दीक्षित, रजनीश दुबे, रामानंद पाठक, आशा पांडेय ग्वालियर, लता स्वारांजलि भोपाल समेत बड़ी संख्या में साहित्यकार उपस्थित रहे।