मोंठ (झांसी)। नगर और ग्रामीण अंचलों में आज बुंदेली लोक-संस्कृति का प्रतीक मोराई छठ पर्व मनाया गया। नवविवाहित जोड़ों वाले परिवारों में इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह दिखा।
संध्या काल में सुहागिन और नवविवाहिता महिलाएं पारंपरिक परिधानों में निकलीं। वे हाथों में मिट्टी के करवे, चंदन, घी, हल्दी, रोली, अक्षत, मिष्ठान्न और नारियल से सजी पूजन थालियां लिए थीं। महिलाएं समूह में बुंदेली भजन और लोकगीत गाते हुए आगे बढ़ीं। नगर मोंठ के खेरापति घाट पर विसर्जन का कार्यक्रम देर शाम तक चला। तालाबों, नदियों और जलाशयों के तटों पर महिलाओं ने सामूहिक पूजा-अर्चना की। सूर्यास्त पर मिट्टी के पात्रों में स्थापित मोर एवं मोरियां का मंगल गीतों के साथ विसर्जन हुआ। पूजा-अर्चना और विसर्जन के बाद श्रद्धालुओं तथा बच्चों को प्रसाद व मिष्ठान्न बांटा गया।