झांसी। शहर में छह साल पहले डाले गए विद्युत बंच कंडक्टर केबल ने अब धोखा देना शुरू कर दिया है। ओवर लोडिंग से केबल गर्म हो रहे हैं, जिससे फाल्टों की शिकायतें बढ़ गई हैं।
महानगर में चार सौ किलोमीटर क्षेत्र में विद्युत तारों का जाल बिछा हुआ है। विभाग ने वर्ष 2009 से एलटी लाइन के नंगे तारों की जगह बंच कंडक्टर डालने की शुरूआत की थी। उद्देश्य विद्युत चोरी पर लगाम कसना था। अभी तक जिन क्षेत्रों में बंच कंडक्टर लाइन पड़ चुकी है, उन क्षेत्रों में कटिया डालकर बिजली चोरी में रोक लगी है।
वर्ष 2009 में जीनस कंपनी ने करीब दो साल के अंतराल में सौ किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में बंच कडक्टर डाले थे। मगर इस तार की अब मियाद पूरी होने लगी है। यह तार अधिकतम पांच साल तक सुरक्षित माना जाता है। परिणामस्वरूप आए दिन इन तारों में स्पार्किंग व आग लगने की घटनाएं सामने आने लगी हैं।
पिछले दिनों दतिया गेट, पुलिया नंबर नौ स्थित ईदगाह मुहल्ला, बिसाती बाजार, इलाइट-गोविंद चौराहा मार्ग आदि क्षेत्रों में पड़े बंच कंडक्टर में फाल्ट आने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में संबंधित खंभे का बंच कंडक्टर तार बदलकर आपूर्ति को सामान्य बनाया जा सका।
चूंकि, बंच कंडक्टर तारों का एक गुच्छा होता है। ओवर लोडिंग की स्थिति में यह तार अधिक गरम होने पर पिघलने लगते हैं, इसके बाद स्पार्किंग व आग लगने की स्थिति उत्पन्न होने लगती है। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता (नगर) राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जहां-जहां बंच कंडक्टर ज्यादा खराब हो गए हैं।
उन क्षेत्रों में स्काडा कंपनी द्वारा तार बदलवाए जा रहे हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि केबल पर लोड कम डाला जाए।