मंडलायुक्त और झांसी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अमित गुप्ता ने शहर में ऐसे सभी निर्माण कार्य, जो बिना नक्शा स्वीकृत कराकर किए गए हैं अथवा निमार्णाधीन हैं, उन्हें सील करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जेई को अभियान चलाने के लिए कहा है। साथ ही पांच-पांच अवैध निर्माण तोड़ना अनिवार्य भी किया है।
जेडीए में काफी समय से नक्शा पास कराने के लिए अटकी फाइलों को देखा और कहा कि इसमें नियमानुसार कार्रवाई करें। यदि मकान नक्शा के विपरीत बना है, तो भवन स्वामी को उस निर्माण को ध्वस्त करने का नोटिस दें तथा ध्वस्तीकरण में खर्च होने वाला पैसा भी वसूल करें। सभी अवर अभियंता क्षेत्र में घूमें, काम रोकने तथा सील करने का नोटिस दें, ताकि कार्रवाई की जा सके। अवर अभियंताओं से कहा कि अपने-अपने क्षेत्र में कम से कम 05-05 अवैध निर्माण ध्वस्त करने की कार्रवाई की सूचना दें तथा जिन मामलों में शमन शुल्क जमा नहीं कराया जा सकता है, उनके खिलाफ प्राथमिकता पर कार्रवाई करें।
उन्होंने गरियागांव में जेडीए की जमीन से अवैध कब्जा हटवाने के लिए एसडीएम और एसीएम को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। नए और बड़े निर्माण कार्यों का शत-प्रतिशत सर्वे करने तथा बड़े नक्शा को पास करने से पहले मौके पर जाकर सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न पत्रावलियों का अध्ययन किया और निर्देश दिए कि शमन शुल्क जमा कराया जाए। जेडीए की आवासीय कॉलोनी बेतवा विहार में यदि प्लाट आवंटन के बाद पैसा जमा नहीं किया गया है तो प्लाट निरस्त कर दिया जाए। कैंप लगवाकर लोगों की रजिस्ट्री कराएं।
इस मौके पर जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान, जेडीए सचिव सीपी तिवारी, टाउन प्लानर एनके पुष्कर्णा, सहायक अभियंता सोमेश, डीके शर्मा, रविंद्र गुप्ता, पीके पटैरिया उपस्थित रहे।
तीन जेई ने ज्वाइन किया
जेडीए में तीन अवर अभियंता और एक लेखाकार ने कार्यभार संभाल लिया है। इसमें इलाहाबाद विकास प्राधिकरण से स्थानांतरित होकर आए जयशंकर सिंह, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से घनश्याम तिवारी और कानपुर विकास प्राधिकरण से संतोष कुमार वर्मा शामिल हैं। इसके अलावा लेखाकार जगदीश गौतम ने गाजियाबाद से यहां आकर कार्यभार संभाल लिया है। अब जेडीए में पांच जेई हो गए हैं। इसमें से पंकज गौतम गाजियाबाद में अटैच चल रहे हैं और वेतन झांसी से दिया जा रहा है। बता दें कि झांसी विकास प्राधिकरण का क्षेत्र काफी बढ़ गया है, लेकिन अवर अभियंताओं की 1984 के सृजित पदों (12) के हिसाब से ही तैनाती हो रही है। इसके हिसाब से भी अभी सात पद खाली हैं।