झांसी। मेडिकल कालेज परिसर में बन रहे 500 बेड के नये अस्पताल का निर्माण तय अवधि 30 अक्तूबर तक पूरा होने वाला नहीं है। बजट की कमी की वजह से इसके निर्माण की रफ्तार धीमी पड़ गई है। अब यह मार्च 2017 में बनकर तैयार हो पाएगा। इसका बजट भी बढ़कर 131 करोड़ से 210 करोड़ रुपये हो गया है।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज में केवल झांसी ही नहीं, बल्कि आसपास के जनपदों के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिससे अक्सर यहां जगह कम पड़ जाती है। इस कमी को पूरा करने के लिए मेडिकल कालेज परिसर में 500 बेड का नया अस्पताल बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने तीन साल पहले इसका निर्माण शुरू किया था। अक्तूबर 2016 में काम पूरा किया जाना था, परंतु अब तक अस्सी फीसदी ही काम हो पाया है। बजट की कमी की वजह से काम की रफ्तार मंद पड़ गई है। उल्लेखनीय है कि इस नये अस्पताल के लिए पहले 131 करोड़ रुपये का इस्टीमेट तैयार किया गया था। इसमें से सरकार ने 112 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई थी। लेकिन, बाद में अस्पताल का इस्टीमेट रिवाइज कर दिया गया, जिससे इसकी लागत बढ़कर 210 करोड़ पर पहुंच गई। पूर्व में उपलब्ध कराई गई धनराशि उपयोग में लाई जा चुकी है। बजट की अगली किस्त अभी जारी नहीं हुई है। धनाभाव के चलते अस्पताल के निर्माण कार्य की गति धीमी पड़ गई है।
ऐसे बढ़ गई लागत
नये अस्पताल का निर्माण पूरा होने से पहले ही इसका अपग्रेडेशन कर दिया गया है, जिससे इसकी लागत बढ़ गई है। अब यह पूरा अस्पताल वातानुकूलित बनाया जा रहा है। इसके अलावा ऑपरेशन थियेटर मॉड्यूलर बनाए जा रहे हैं। इसकी पूरी दीवारों पर टाइल्स लगाए जा रहे हैं। इससे भविष्य में अस्पताल की पुताई की आवश्यकता नहीं रहेगी। इसके अलावा अस्पताल में सीवर लाइन बिछाई जाएगी, जिसमें जमा होने वाली गंदगी से खाद बनाई जाएगी। इसके अलावा निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए अस्पताल के लिए अलग से सब स्टेशन भी बनाया जा रहा है।
चार साल पहले हुई थी घोषणा
मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार 27 सितंबर 2012 को झांसी आए प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मेडिकल कालेज का निरीक्षण किया था। यहां उन्हें मरीज अधिक और संसाधन कम देखने को मिले थे। इस पर उन्होंने उक्त अस्पताल के निर्माण की घोषणा की थी।
‘अस्पताल का मॉडल अपग्रेड हो गया है, जिससे इसका इस्टीमेट बढ़ गया है। बजट की कमी की वजह से इसका निर्माण अक्तूबर में पूरा नहीं हो पा रहा है। बजट की मांग की गई है। निर्माण अब मार्च 2017 में पूरा हो पाएगा।’
- मुकेश सिंघल, परियोजना अधिकारी - राजकीय निर्माण निगम