अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बीयू देश के चुनिंदा उच्च शिक्षण संस्थानों की सूची में शामिल हो गया है। अब बीयू एएनआरएफ-पीएआईआर के तहत आईआईटी इंदौर के संग अनुसंधान करेगा। इसके लिए 100 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है।
भारत सरकार की नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की पार्टनरशिप फॉर एक्सीलरेटेड इनोवेशन एंड रिसर्च (एएनआरएफ-पीएआईआर) परियोजना में हब एंड स्पोक मॉडल पर अनुसंधान होते हैं। इसमें आईआईटी इंदौर हब और बीयू स्पोक संस्थान के रूप में कार्य करेगा। इसके लिए देश के 30 प्रमुख शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों ने भाग लिया। मूल्यांकन और प्रतिस्पर्धात्मक चयन में सात संस्थानों को चुना गया। तीन आईआईटी, दो केंद्रीय विवि, एक एनआईटी व आईआईएससी बेंगलुरु इसमें शामिल है।
सात मार्च को भारतीय विज्ञान अकादमी बेंगलुरु में इसके लिए कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय के नेतृत्व में डॉ. लवकुश द्विवेदी ने तकनीकी व रणनीतिक प्रस्तुति दी थी। इसका मूल्यांकन एनईपी -2020 समिति के अध्यक्ष डॉ राधाकृष्णन, नैक एक्जीक्यूटिव काउंसिल अध्यक्ष डॉ. अनिल सहस्त्रबुद्धि, अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की डॉ. प्रमिला मोहन समेत आठ सदस्यों ने किया।
0- तीन थीम पर बीयू करेगा अनुसंधान
यह परियोजना अनुसंधान और उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच मेंटरशिप बढ़ावा देने के लिए है। अनुसंधान के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। हर पीएआईआर के लिए 100 करोड़ की धनराशि पांच वर्ष के लिए स्वीकृत हुई है। इसका वितरण हब और स्पोक संस्थानों के बीच 30:70 के अनुपात में होगा। बीयू रिसर्च थीम एडवांस्ड मैटेरियल्स, हेल्थ एंड मेडिकल टेक्नोलॉजी और एनवायरन्मेंटल सस्टेनेबिलिटी एंड एनर्जी टेक्नोलॉजी में शोध करेगा।
0- इन्होंने दिया अपना अहम योगदान
डॉ. अनुपम व्यास, डॉ. संजीव कुमार श्रीवास्तव, डॉ. विजय कुमार यादव, डॉ. जाकिर अली, डॉ. विनीत कुमार, डॉ. अनु सिंगला, डॉ. शशि आलोक, डॉ. प्रकाश चंद्र, डॉ. देवेंद्र मनी त्रिपाठी, डॉ. स्मृति त्रिपाठी, इंजीनियर विशाल आर्य, डॉ. अवनीश दुबे और डॉ. प्रियंका त्रिपाठी।
0- ये बोले कुलपति
यह बीयू ही नहीं बल्कि बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए स्वर्णिम उपलब्धि है। यह परियोजना आने वाले वर्षों में विवि को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय शोध परिदृश्य में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक होगी।
प्रो. मुकेश पांडेय, कुलपति, बीयू