अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय शिक्षा सत्र 2025-26 से चार वर्षीय स्नातक के साथ शोध पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इसके लिए कैंपस के संस्थानों और संबद्ध कॉलेजों को 15 दिसंबर से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद पात्रता का आकलन कर बीयू प्रशासन अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करेगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत स्नातक से ही विद्यार्थियों को तकनीक व रोजगार परक पढ़ाई कराई जा रही है। इसी के मद्देनजर बीयू प्रशासन ने सत्र 2025-26 से बीए, बीएससी व बीकॉम का चार वर्षीय यूजी विद रिसर्च (शोध के साथ स्नातक) पाठ्यक्रय शुरू करने का फैसला लिया है। तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम भी समानांतर चलेंगे। यूजी विद रिसर्च में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को तीन वर्ष पढ़ाया जाएगा और अंतिम चौथे वर्ष में विषय से संबंधित खास विषय पर एक वर्ष शोध करना होगा।
इसके बाद विद्यार्थी को एक वर्ष का पीजी करना होगा। यूजी विद रिसर्च करने के बाद विद्यार्थी नेट की परीक्षा में बैठने का पात्र भी हो जाएगा। इस पाठ्यक्रम को शुरू करने के लिए बीयू प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। जिसके चलते वेबसाइट पर जल्द सूचनाएं अपलोड की जाएगी।
यूजी विद रिसर्च पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए कैंपस में संचालित संस्थानों और संबद्ध कॉलेजों को 15 दिसंबर से आवेदन करना होगा। इसके साथ ही पढ़ाई और शोध से संबंधित जानकारियां भी मुहैया करानी होंगी। सभी मानक पूरे होने के बाद ही बीयू प्रशासन संस्थानों व संबद्ध कॉलेजों को यूजी विद रिसर्च पाठ्यक्रम शुरू करने की एनओसी जारी करेगा।
कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने बताया राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत यूजी विद रिसर्च आगामी सत्र से शुरू किया जाएगा। इसके लिए कैंपस के संस्थान व संबद्ध कॉलेजों को 15 दिसंबर से ऑनलाइन आवेदन करने होंगे।