अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में शुक्रवार से करीब दो माह की देरी से आठवें बैच के 530 छात्र-छात्राओं का पीएचडी कोर्स वर्क शुरू हुआ। शुभारंभ करते हुए कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने कहा बेहतर इंपैक्ट फैक्टर वाले शोध जनरल्स में प्रकाशित होने पर बीयू रिवॉर्ड प्रदान करेगा।
बताते चलें कला में 200, विज्ञान में 145, कृषि में 44, वाणिज्य में 42, शिक्षा में 66 एवं विधि संकाय में 33 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है। शुभारंभ पर कुलपति ने कहा बीयू में शोध के लिए जरूरी पुस्तकें, जर्नल व सॉफ्टवेयर सेंट्रल लाइब्रेरी हैं। टेक्निकल इनेबलिंग केंद्र एवं इनक्यूबेशन सेंटर आईडियाज को स्टार्टअप में परिवर्तित करने में सहायता करेगा। उन्होंने संकाय अध्यक्षों से कम से कम एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन करने के लिए कहा।
कुलसचिव विनय कुमार सिंह, इंटरनल क्वालिटी एसेसमेंट सेल के प्रो. सुनील काव्या व एकेडमिक संकायाध्यक्ष प्रो. एसपी सिंह ने कई अहम जानकारी दीं। डॉ. ऋषि सक्सेना आभार जताया।
इस दौरान विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. आरके सैनी, इंजीनियरिंग संकायाध्यक्ष प्रो. एमएम सिंह, कॉमर्स संकायाध्यक्ष प्रो. देवेश निगम, शिक्षा संकायाध्यक्ष प्रो. शैलजा, कला संकायाध्यक्ष प्रो. मुन्ना तिवारी, अकादमी प्रशानिक अधिकारी डॉ. संदीप सिंह, प्रो. काव्या दुबे, डॉ. पीयूष भारद्वाज, डॉ. सुनील त्रिवेदी, डॉ. कौशल त्रिपाठी, डॉ. ज्योति मिश्रा, डॉ. शंभू नाथ सिंह आदि उपस्थित रहे।