झांसी। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा किए गए प्रयासों पर राजभवन ने भी संतोष जताया है। कुलपतियों की बैठक में विभिन्न आयामों पर चर्चा करने के बाद राजभवन ने ‘बीयू मॉडल’ को सभी विश्वविद्यालयों में लागू करने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को राजभवन में आयोजित बैठक में बुंदेलखंड व कानपुर विश्वविद्यालय समेत कुछ कुलपतियों को बुलाया गया था। इस दौरान विश्वविद्यालयों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के साथ-साथ धांधली रोकने समेत कई बिंदुओं पर चर्चा की गई। इसमें कुलपतियों ने भी सुझाव दिए, साथ ही अपने-अपने विश्वविद्यालयों में उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। इस दौरान राजभवन अधिकारियों ने ‘बीयू मॉडल’ पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी विश्वविद्यालयों में इसको अमलीजामा पहनाने के निर्देश दिए।
बैठक में चार्टों का डिजिटाइजेशन, सिक्योरिटी फीचर से लैस मार्कशीट, सीसीटीवी से लैस परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं करवाना, समय पर रिजल्ट घोषित व प्रवेश शुरू होना सर्वाधिक चर्चा का केंद्र रहा। गौरतलब है कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने छह प्रकार के सिक्योरिटी फीचर से लैस मार्कशीट तैयार करवाई है। मार्कशीट में विभिन्न जानकारियों को हिडन करने के साथ-साथ टेंपर प्रूफ पेपर का इस्तेमाल किया गया है। इससे मार्कशीट से छेड़छाड़ व टेंपरिंग की गुंजाइश खत्म हो गई है।
इसके साथ ही 1975 से अब तक के सभी विद्यार्थियों के चार्ट का डिजिटाइजेशन करा दिया है। ऐसा करने वाली वह पहली यूनिवर्सिटी बन गई है। फरवरी में दीक्षांत समारोह में राज्यपाल राम नाईक भी इसको लेकर कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय की तारीफ कर चुके हैं।