परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने युवाओं से कहा कि मस्तिष्क में ठंडक, जुबान में शक्कर, दिल में आग और पांव में चक्कर लेकर चलो। कर्म पर विश्वास करो, पुरखों की जायदाद और पैसे के भरोसे न रहो। हमेशा माता-पिता, महिलाओं, बुजुर्गों का सम्मान करो। वह बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में आयोजित द्वितीय पुरातन छात्र सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
युवाओं से गलत आदतों से दूर रहने का आह्वान करते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि यदि बड़े से बड़े परिवार का एक व्यक्ति खराब निकल जाता है तो विशाल इमारतें तक जमींदोज हो जाती हैं मगर झोपड़पट्टी में रहने वाले परिवार का एक व्यक्ति पढ़ लिख जाता है तो वह इमारतें खड़ा कर देता है। उन्होंने पंडित दीन दयाल उपाध्याय, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व, कार्यों का उल्लेख करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि वैद्यनाथ आयुर्वेद भवन के निदेशक अनुराग शर्मा ने बताया कि वह बीयू के एमबीए प्रथम के छात्र रहे हैं। पुरानी यादें और मित्र आज भी उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञान किताबों में ही नहीं, बल्कि हर जगह होता है। भेल के जीएम लोकोमोटिव एबी गुप्ता ने भी अपने अनुभव साझा किए।
अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने कहा कि पुरातन छात्र बीयू के ब्रांड एंबेसडर के रूप में अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आचरण स्वच्छ नहीं होता हैं, तो कथन का प्रभाव नहीं पड़ता है। ऋषियों ने कहा है कि बिना कर्म भोजन करना पाप है और मौजूदा समय में ऐसे लोगों की संख्या बढ़ रही है। पुरातन छात्रों से आह्वान किया कि पढ़ाई के समय जो सीखा वो ठीक है मगर आज भी सीखने की भावना कम नहीं होनी चाहिए। कार्यक्रम संयोजन डॉ. प्रतीक अग्रवाल ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस दौरान निवर्तमान महापौर किरण वर्मा, विधायक रवि शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय दुबे, कुलसचिव प्रो. एसपी सिंह, प्रो. सुनील काबिया, प्रो. एमएल मौर्या, प्रो. श्रीराम अग्रवाल, प्रो. सीबी सिंह, इंजी. राहुल शुक्ला, डॉ. काव्या दुबे, डॉ. पुनीत बिसारिया, डॉ. डीके भट्ट, डॉ. नेहा मिश्रा, डॉ. शिल्पा मिश्रा, जीके नायक, वीरेंद्र राजपूत, अनिल बोहरे, विवेक अग्रवाल, राजीव सेंगर, उमेश शुक्ला मौजूद रहे। उद्घाटन सत्र के बाद पुरातन छात्रों ने अपने-अपने विभागों में जाकर शिक्षकों, मौजूदा छात्र-छात्राओं से मिलकर विचार विमर्श किया।
पुरातन छात्रों का हुआ सम्मान
सम्मेलन में पुरातन छात्र अभिषेक नारायण, डॉ. राजीव सिजरिया, डॉ. प्रशांत गुप्ता, डॉ. महेंद्र कुमार, डॉ. शांतिभूषण मिश्रा, डॉ. मान सिंह, डॉ. नवीन धींगरा, सविता यादव, निकुष मीरचंदानी, अनुराधा यादव को शॉल, श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। राज्यमंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी विश्वविद्यालय के पुरातन छात्र रहे हैं, इसलिए उनको भी सम्मानित किया गया।
शासनादेश फूल का, बांटे गुलदस्ते
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अतिथियों को महंगे गुलदस्तों की जगह एकल फूल देकर सम्मानित करने का शासनादेश निकाला है। इसके बाद बीयू में पुरातन छात्र सम्मेलन में अतिथियों को महंगे गुलदस्ते भेंट किए गए। व्यर्थ में हजारों रुपये खर्च हुए।