बीयू: एमबीए टूरिज्म, बीएचएमसीटी को जुलाई में मिल जाएगी मान्यता
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पर्यटन एवं होटल प्रबंधन संस्थान (आईटीएचएम) में एमबीए टूरिज्म और बैचलर इन होटल मैनेजमेंट इन कैटरिंग टेक्नोलॉजी (बीएचएमसीटी) कोर्स को जुलाई में मान्यता मिल जाएगी। एआईसीटीई की टीम ने कोविड के चलते ऑनलाइन ही मानकों की पड़ताल की। जांच में सबकुछ दुरुस्त मिला है।
बीयू के आईटीएचएम विभाग में हर साल कोर्स की मान्यता के लिए एआईसीटीई की टीम निरीक्षण करने के लिए आती है। मानक पूरे मिलने पर कोर्सों को हरी झंडी मिल जाती है। इस बार कोरोना के चलते टीम भौतिक निरीक्षण करने के लिए नहीं आई। टीम ने ऑनलाइन ही एमबीए टूरिज्म और बैचलर इन होटल मैनेजमेंट इन कैटरिंग टेक्नोलॉजी कोर्स के मानकों की जांच की। आईटीएचएम विभागाध्यक्ष प्रो. प्रतीक अग्रवाल ने बताया कि दोनों ही कोर्सों के लिए जरूरी मानक टीम को पूरे मिले हैं। पिछले साल भी मानक के अनुसार इतना ही स्टाफ और जरूरी संसाधन थे। ऐसे में मान्यता मिलनी तय है। जुलाई तक एआईसीटीई की तरफ से इसका पत्र भी प्राप्त हो जाएगा।
सन 2000 में शुरू हुआ विभाग, 2012 में मिली मान्यता
बीयू में आईटीएचएम विभाग सन् 2000 में शुरू हुआ। बारह साल के बाद संस्थानों के लिए एआईसीटीई की मान्यता की गाइडलाइन जारी हुई। साल 2012 में पहली बार विभाग को मान्यता मिली।
किस कोर्स के लिए क्या जरूरी
बैचलर इन होटल मैनेजमेंट इन कैटरिंग टेक्नोलॉजी कोर्स में 60 सीटें हैं। मान्यता के लिए विभाग में फूड प्रोडक्शन व फूड एंड बेवरेज लैब, हाउस कीपिंग फ्रंट ऑफिस, लाइब्रेरी, क्लास रूम आदि होने चाहिए। इसके अलावा 11 शिक्षक की जरूरत होती है। यहां पर 15 शिक्षक हैं। वहीं, एमबीए में कंप्यूटर लैब, ट्रेवल डेस्क, मेडिकल सेंटर, काउंसिलिंग के लिए कमेटी, ग्रीवांस सेल, एंटी रैगिंग कमेटी आदि होनी चाहिए। सात शिक्षक का भी होना जरूरी है। ये सभी मानक भी पूरे हैं।