झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन ने पॉलिटेक्निक में हुए दुष्कर्म कांड से सबक लेते हुए अपने यहां के हॉस्टल खाली करा लिए हैं। 30 सितंबर को अंतिम वर्ष की परीक्षाएं खत्म होने के बाद भी छात्र हॉस्टल में रुके हुए थे। अब कैंपस में क्लासेस शुरू होने के दौरान नए सिरे से हॉस्टल का आवंटन किया जाएगा।
बीते 11 अक्तूबर की सुबह 11 बजे 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा को हॉस्टल के अंदर घसीटकर ले जाकर दुष्कर्म किया गया था। इसमें आठों आरोपी छात्रों की गिरफ्तारी हो चुकी है। साथ ही सभी आरोपी जेल भी भेजे जा चुके हैं। जांच में यह पता चला था कि अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षाएं नौ अक्तूबर को खत्म हो गई थीं। 10 को छात्रों को हॉस्टल खाली करना था। इसके बावजूद छात्र हॉस्टल में रुके रहे और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दे दिया। वहीं, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं 30 सितंबर को पूरी हो चुकी थीं। इसके बावजूद कई छात्र हॉस्टलों में ही जमे हुए थे।
पॉलिटेक्निक दुष्कर्म कांड से सबक लेते हुए बीयू प्रशासन ने बेवजह हॉस्टलों में रुके छात्रों से हॉस्टल खाली कराने के आदेश जारी कर दिए। पुरुष छात्रावास के प्रोवोस्ट की तरफ से 17 अक्तूबर को पत्र निकालकर एक दिन में हॉस्टल खाली करने के निर्देश दिए गए। अब छात्रों ने हॉस्टल खाली कर दिए हैं। वहीं, हॉस्टल के प्रोवोस्ट प्रो. प्रतीक अग्रवाल ने बताया कि परीक्षाएं खत्म होने के बाद भी छात्र हॉस्टल में रह रहे थे। उनसे हॉस्टल खाली करने को लेकर पहले भी कहा गया लेकिन वह रुके रहे। इस कारण बाद में लिखित आदेश निकालना पड़ा। अब नए सत्र में नए सिरे से छात्रों को हॉस्टल का आवंटन किया जाएगा।
एनएसयूआई ने जताया विरोध
झांसी। बीयू की तरफ से हॉस्टल खाली कराए जाने का एनएसयूआई ने विरोध किया है। सोमवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा कि जिन अंतिम वर्ष के छात्रों का पिछले किसी सेमेस्टर या साल में बैक है और जिन्होंने बैक पेपर का फॉर्म भर दिया था लेकिन कोरोना के चलते विश्वविद्यालय बैक पेपर नहीं करा पाया, उन्हें स्पेशल बैक पेपर कराकर आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मौका दिया जाए। कई छात्र ऐसे हैं, जिनका अन्य विश्वविद्यालय और बीयू में परास्नातक में प्रवेश होना है और वह स्नातक का रिजल्ट रुका होने से काउंसलिंग नहीं करा पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में यूजीसी के नियमानुसार छात्र हित को ध्यान में रखते हुए एक और मौका दिया जाना चाहिए। इस दौरान अभिषेक प्रताप, सुमित दांगी, गोपाल सुरौठिया, अभिषेक, आकाश पाराशर, सचिन यादव, प्रदीप चौधरी, तेजस्वी चौहान मौजूद रहे।