झांसी। बुंदेलखंड में पहली बार टीबी एवं चेस्ट रोग विभाग में छात्र-छात्राएं एमडी कर सकेंगे। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से पांच सीटों पर प्रवेश को मंजूरी मिलने की संभावना है। नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) की टीम के निरीक्षण में लगभग सभी मानक पूरे मिले हैं।
मेडिकल कॉलेज की स्थापना पांच दशक पहले हुई थी। तभी टीबी एवं चेस्ट रोग विभाग भी शुरू हो गया था। तब से अब तक यहां पर एमडी कोर्स संचालित नहीं हो पाया था। कॉलेज की ओर से इसके लिए आवेदन करने के बाद बुधवार को नेशनल मेडिकल काउंसिल की टीम ने विभाग का निरीक्षण किया। उप प्राचार्य डॉ. अंशुल जैन ने बताया कि गुजरात से आए टीम के सदस्य ने फैकल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर आदि का जायजा लिया। उन्हें सभी मानक पूर्ण मिले हैं। ऐसे में इसी सत्र से पांच सीटों पर एमडी कोर्स संचालित हो सकता है। नए सत्र के प्रवेश सितंबर-अक्तूबर में होने हैं। एमडी कोर्स संचालित होने के बाद कॉलेज को पांच नए जूनियर रेजिडेंट मिल जाएंगे। इससे मरीजों का बेहतर इलाज मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि ये बुंदेलखंड का पहला कॉलेज होगा, जहां पर टीबी एवं चेस्ट रोग विभाग में एमडी शुरू होगी।