मेडिकल विवि से संबद्धता होने की वजह से मेडिकल कॉलेज, पैरामेडिकल कॉलेज, आयुर्वेद कॉलेज समेत छह मेडिकल व नर्सिंग कॉलेजों को संबद्धता सूची से बाहर किया गया। आठ महाविद्यालयों की भी संबद्धता खत्म की गई।
बुंदेलखंड विवि की एक्जीक्यूटिव काउंसिल (कार्य परिषद) की बैठक बुधवार को हुई। मेडिकल विवि से संबद्धता होने की वजह से मेडिकल कॉलेज, पैरामेडिकल कॉलेज, आयुर्वेद कॉलेज समेत छह मेडिकल व नर्सिंग कॉलेजों को संबद्धता सूची से बाहर किया गया। आठ महाविद्यालयों की भी संबद्धता खत्म की गई। वहीं, ओडीएल पर मुहर लगाते हुए इसे शुरू करने का फैसला हुआ।
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कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में विद्या परिषद में ओडीएल पाठ्यक्रम शुरू करने, वित्त समिति में ओडीएल की तय फीस, परीक्षा समिति, संबद्धता समिति में हुए फैसलों पर अंतिम मुहर लगी। सबसे अहम फैसले संबद्धता समिति की बैठक पर हुए। डॉ. केजी द्विवेदी आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय सारमऊ, बुंदेलखंड आयुर्वेदिक कॉलेज एवं चिकित्सालय अतर्रा बांदा, सेंट ज्यूड हॉस्पिटल कॉलेज ऑफ नर्सिंग झांसी, महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज, महारानी लक्ष्मीबाई राजकीय पैरामेडिकल कॉलेज के अन्य विवि से संबद्ध होने की वजह से इनकी संबद्धता खत्म कर दी गई। इसके बाद आठ महाविद्यालयों में शामिल श्री पद्मनाभ महाविद्यालय गहबरा चौकी मोहदा हमीरपुर, लोकहित महाविद्यालय गुरेह बांदा, परशुराम महाविद्यालय कन्हरी जालौन, रामदेवी नंद कुमार महाविद्यालय मिनौरा जालौन, श्री गोस्वामी महाविद्यालय छीबों चित्रकूट, स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय कचनौंदा ललितपुर व श्री वशिष्ठ नारायण करवरिया महाविद्यालय मझगवां चित्रकूट की संबद्धता खत्म की गई।
अनुपस्थित को अंतिम मौका
बीयू में अनुचर के पद पर कार्यरत आशीष प्रधान काफी समय से अनुपस्थित चल रहे हैं। उन्हें कई बार नोटिस आदि दिए जा चुके हैं मगर कोई जवाब नहीं मिला। यह मसला एक्जीक्यूटिव काउंसिल में रखा गया। आशीष को जवाब देने के लिए अंतिम मौका देने का फैसला लिया गया। तय हुआ कि यदि जवाब नहीं आएगा तो उनकी सेवा निरस्त कर दी जाएगी।