झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बीसीए प्रथम वर्ष की परीक्षा के दौरान छात्रों को गलत पेपर देने के मामले की मंगलवार को विभागीय जांच हुई। जांच में सामने आया कि कंप्यूटर ऑर्गेनाइजेशन का पेपर बना ही नहीं है। मामले की जानकारी परीक्षा नियंत्रक को दी गई। उन्होंने परीक्षा निरस्त कर दी। अब पेपर बनवाकर 10 अगस्त को दोबारा परीक्षा कराई जाएगी।
बीयू के कंप्यूटर एंड मैथमेटिक्स साइंस विभाग में शनिवार को बीसीए प्रथम वर्ष के द्वितीय सेमेस्टर की कंप्यूटर ऑर्गेनाइजेशन की परीक्षा थी। परीक्षा के दौरान छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर नेटवर्क का पेपर दे दिया गया। परीक्षार्थियों ने जब पेपर देखा तो उनका सिर चकरा गया। उन्हें कुछ भी समझ नहीं आ रहा था। परीक्षार्थियों ने विभागीय शिक्षकों से शिकायत की। शिक्षकों ने कहा कि जो भी सवाल समझ आ रहे हैं, उनका उत्तर लिख दो। परीक्षा के बाद विद्यार्थी विभागाध्यक्ष के पास पहुंचे और पूरा मामला बताया। मंगलवार को विभागाध्यक्ष ने मामले की विभागीय जांच कराई तो पता चला कि कंप्यूटर ऑर्गेनाइजेशन का पेपर बना ही नहीं है। खास बात ये है कि बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक के बाद जो पैनल परीक्षा विभाग में भेजा गया, उसमें कंप्यूटर ऑर्गेनाइजेशन का पेपर बनवाने का जिक्र ही नहीं था। परीक्षा विभाग में भी सिलेबस के हिसाब से पेपरों का मिलान नहीं किया गया। दोनों तरफ से बरती गई इस लापरवाही के चलते ही परीक्षा में ये गड़बड़ी सामने आई। अब ये जांच का विषय है कि जब शिक्षक को कंप्यूटर नेटवर्क का पेपर बनाने के लिए कहा गया था तो कंप्यूटर ऑर्गेनाइजेशन की परीक्षा के दौरान इसे कैसे खोल दिया गया। विभागाध्यक्ष प्रो. आरके सैनी ने बताया कि जल्द ही कंप्यूटर ऑर्गेनाइजेशन का पेपर बनवाया जाएगा। फिर 10 अगस्त को दोपहर तीन से शाम साढ़े चार बजे की पाली में छात्र-छात्राओं की दोबारा परीक्षा कराई जाएगी।