झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (बीयू) ने पिछले महीने छात्रों के दो गुटों में हुए बवाल के बाद जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर 14 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की है। सात छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित करते हुए एक महीने के लिए उनका प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है। वहीं, छह छात्रों को कैंपस से दो महीने के लिए निष्कासित कर दिया है। इसके अलावा एक अन्य छात्र पर भी कार्रवाई की गई है।
बीयू में 21 दिसंबर 2022 को छात्रों के दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। लाठी-डंडे और पथराव होने से चार छात्रों के सिर फट गए थे। 15 से अधिक छात्र घायल हो गए थे। कई राहगीरों को भी चोटें आई थीं। चार छात्रों के खिलाफ नवाबाद थाने में नामजद मुकदमा भी हुआ था। बीयू प्रशासन ने मामले की जांच का जिम्मा कुलानुशासक मंडल को सौंपा था। समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट बीते बुधवार को कुलपति को सौंप दी थी। अब समिति की रिपोर्ट के आधार पर 14 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई हुई है।
छात्र अंकित सिंह, जाशिम अली, नीतीश सिंह, विजय राणा, प्रेम कुमार, जतिन को दो महीने के लिए विश्वविद्यालय परिसर से निष्कासित कर दिया है। इस अविध में इनका प्रवेश भी कैंपस में प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, छात्र अखिलेश कुमार सिंह, सचिन वर्मा, हर्षित यादव, पुलकित सिंह, अनुराग खरवाल, प्रांजल जायसवाल, आर्यन पुंडीर को छात्रावास से पूरी तरह निष्कासित कर दिया गया है। साथ ही एक महीने के लिए विश्वविद्यालय कैंपस में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।
वहीं, बाहरी हॉस्टल में रहने वाले छात्र संस्कार वर्मा का विश्वविद्यालय कैंपस में एक महीने के लिए प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके अलावा गौतम बुद्ध पुरुष छात्रावास के छात्र कुलदीप मिश्रा, दीपक वर्मा, सात्विक, अभय द्विवेदी, अमित कुमार और समता हॉस्टल के छात्र ज्ञानेंद्र कुमार व बाहरी छात्रावास में रहने वाले छात्र आदेश कुमार को छात्रों को भड़काने और अफवाह फैलाने का दोषी मानते हुए चेतावनी जारी की गई है। इस प्रकार के कृत्य की पुनरावृत्ति एवं भविष्य में किसी प्रकार की संलिप्तता होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों पर नहीं हुई कोई कार्रवाई
झांसी। बीयू में हुए बवाल के बाद लॉर्ड बुद्धा हॉस्टल के वार्डन से लेकर कंप्यूटर साइंस के समन्वयक पर छात्रों ने कई आरोप लगाए थे। मगर इस मामले में शिक्षकों पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं हुई है। बवाल की पूरी जांच सिर्फ छात्रों पर ही केंद्रित रही। ऐसे में शिक्षक बच गए।
कुलानुशासक मंडल की जांच रिपोर्ट के आधार पर 14 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वहीं, सात छात्रों को चेतावनी जारी की गई है। - विनय कुमार सिंह, कुलसचिव, बीयू।