झांसी। बीआईईटी और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग के छात्र-छात्राओं ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन में अलग-अलग श्रेणियों में अपना जलवा दिखाया है। बीआईईटी छात्रों ने जहां आर्टीफिशियल इंजेलीजेंस तो बीयू विद्यार्थियों ने इनोवेटिव ऑनलाइन टूल फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स विषय पर सॉफ्टवेयर तैयार कर प्रथम पुरस्कार हासिल किया है। दोनों ही टीमों को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार मिला है।
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के फाइनल का तीन अगस्त को समापन हुआ और चार को रिजल्ट घोषित किया गया। इसमें देशभर से आईं टीमों ने विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए सॉफ्टवेयर तैयार किया। बुंदेलखंड अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी की टीम द शील्ड 2.0 ने विपिन यादव की अगुवाई में ब्यूरो फॉर पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के लिए आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस का सॉफ्टवेयर तैयार किया। उन्हें टॉपिक दिया गया था कि अपराध करने के बाद अपनी लोकेशन बदल लेता है। ऐसे में उसकी शिनाख्त के संबंध में सॉफ्टवेयर बनाया जाए। बीआईईटी छात्रों की तरफ से बनाया गया सॉफ्टवेयर सर्वश्रेष्ठ चुुना गया। टीम में शिवम कुमार, हर्षित अवस्थी, रोहन सक्सेना, महीप चौधरी और दीक्षा पांडेय शामिल रहीं। विजयी टीम को एक लाख का पुरस्कार दिया गया। सिंगापुर स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के फाइनल में भी दाखिला मिल गया है। विजयी छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय फैकल्टी और परिजनों को दिया है। वहीं, बीयू की टीम शक्तिमान ने इनोवेटिव ऑनलाइन टूल फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स पर अपना कार्य किया। इसके द्वारा मैनुअल प्रोसेस को पूर्णतया कंप्यूटर आधारित जैसे कि बच्चों की उपस्थिति फेशियल रिकॉग्निशन से, चाइल्ड एडॉप् शन पूल से बच्चों के एडॉप्शन को स्ट्रीम लाइन करना था। संस्थान की टीम शक्तिमान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। टीम में मृदुल शर्मा, कीर्ति सिंह, तनीषा त्रिवेदी, शिबू सिंह तथा श्रद्धा पांडे शामिल रहीं। टीम को कुलपति प्रो. जेवी वैशाम्पायन, प्रो. एसके कटियार ने विजयी प्रतिभागियों को बधाई दी है।