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बजट के 75 फीसदी मानदेय पर बीयू राजी

Mon, 24 Aug 2015 11:38 PM IST
झांसी/ ब्यूरो
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने स्ववित्त पोषित योजनांतर्गत कार्यरत स्टाफ पर बजट का 75 फीसदी रकम मानदेय पर खर्च करने की संस्तुति कर दी है। अब जल्द ही सभी कर्मचारियों और शिक्षकों के वेतनमान में बढ़ोतरी हो जाएगी।
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गौरतलब है कि शासन ने स्ववित्त पोषित योजनांतर्गत बजट से 80 फीसदी पैसा स्टाफ के मानदेय व 20 फीसदी व्यवस्था पर खर्च करने का मानक तय किया था। सोमवार को कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में कुछ नियम व शर्तों के साथ 75 फीसदी मानदेय और 25 मेंटेनेंस पर खर्च करने पर सहमति बनी। इसके अलावा अब हर पांच वर्ष में एसएफएस शिक्षकों और कर्मियों की संविदा का नवीनीकरण किया जाएगा। शैक्षणिक और एकेडमिक कार्यों के आधार पर उन्हें अंक दिए जाएंगे। कार्य और आचरण ठीक नहीं होने पर कुलपति सीधे किसी को भी बाहर का रास्ता दिखा सकेंगे। बैठक में सभी विभागों के अलग ऑर्डिनेंस पर भी मुहर लगाई गई और प्रवेश व परीक्षा समिति के फैसलों का अनुमोदन किया गया। वहीं, राजभवन से विश्वविद्यालय के संपूर्ण प्रक्रिया कंप्यूटराइज्ड और डिजिटल करने संबंधी निर्देशों के अनुपालन का भी निर्णय लिया गया। चूंकि, बीयू में अधिकांश व्यवस्थाएं पूर्व में ही ऑनलाइन की जा चुकी हैं, इस पर परिषद के सदस्यों ने कुलपति के कार्यों की प्रशंसा की।

सेवानिवृत्त शिक्षक पूरी करेंगे कमी
झांसी। विश्वविद्यालय के कुछ विभागों में नियमित शिक्षक नहीं हैं। जबकि, अक्तूबर में नैक की टीम को बीयू को ए ग्रेड देने के लिए मानकों को परखना है। इसको दृष्टिगत रखते हुए कार्य परिषद ने सेवानिवृत्त प्रोफेसरों की नियुक्ति का फैसला लिया है। जल्द ही डीआरडीओ कानपुर, डीआरडीई ग्वालियर के रिटायर्ड प्रोफेसर तथा आईसीएआर के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक की एसएफएस योजना के तहत नियुक्ति की जाएगी। बैठक में हाल ही में हुए साक्षात्कार के मद्देनजर व्यापार प्रशासन, जंतु विज्ञान, फोरेंसिक, गृह विज्ञान आदि विभागों में भी शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गई।
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दूधनाथ कॉलेज की संबद्धता समाप्त
झांसी। कार्य परिषद ने सकरार के दूधनाथ सर्वोदय महाविद्यालय की संबद्धता समाप्त कर दी है। सूत्रों के अनुसार कॉलेज में तमाम गड़बड़ियों का आरोप लगने के बाद यह निर्णय लिया गया है। अब कॉलेज में विभिन्न पाठ्यक्रमों के द्वितीय और तृतीय वर्षों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को किसी अन्य महाविद्यालय में स्थानांतरित किया जाएगा।
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