झांसी। बड़ागांव थाना इलाके में पत्नी की मौत के दो दिन बाद पति को भाई का शव पेड़ पर फंदे के सहारे लटका हुआ मिला। मृतक दो दिन से लापता चल रहा था। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है, पुलिस पड़ताल में जुटी हुई है। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पूरे गांव का माहौल गमगीन बना हुआ है।
बड़ागांव के ग्राम मरोड़ा निवासी खेतीबाड़ी करने वाले लोकेंद्र की पत्नी नेहा टीबी की बीमारी से ग्रसित थी। हालत ज्यादा खराब होने पर परिवार के लोग उसे इलाज के लिए ग्वालियर ले गए थे। यहां बुधवार को उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इस पर ग्वालियर में रहने वाले नेहा के मायके पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी होने लगी। नौबत मारपीट पर आ पहुंची। लोकेंद्र के साथ उसका बड़ा अविवाहित भाई प्रदीप कुमार निरंजन (29) भी वहां मौजूद थे। उसके साथ भी मारपीट की गई। इस घटना के बाद से प्रदीप लापता हो गया, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट परिजनों ने ग्वालियर के पड़ाव थाने में दर्ज कराई थी। जबकि, पोस्टमार्टम के बाद नेहा के शव को लेकर परिजन ग्राम मड़ोरा लेकर लौट आए थे। बृहस्पतिवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था। शुक्रवार को परिवार के सदस्यों का मुंडन हो रहा था। इसी बीच पता चला कि प्रदीप का शव सीमेंट फैक्टरी की ओर जाने वाले रास्ते के पास बबूल के पेड़ से लटका हुआ है। इस पर सभी मौके पर पहुंच गए। सूचना पाकर बड़ागांव थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मृतक के चाचा अशोक कुमार ने प्रदीप की हत्या का आरोप लगाया। इस पर फोरेंसिक टीम को भी बुला लिया गया, जिसने सुबूत इकट्ठा किए।
हालांकि, मृतक की जेब से एक सुसाइट नोट भी मिला है, जिसमें उसने भाई के ससुरालियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। सुसाइड नोट में आरोप लगाया कि उसे भाई के ससुरालियों ने दस घंटे तक उसे पकड़ रखा था। मारपीट के बाद उसे छोड़ दिया गया। इससे तंग आकर वो आत्महत्या कर रहा है।
बता दें कि आठ साल पहले मृतक के पिता चंदन सिंह ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। मृतक के घर में उसका छोटा भाई, मां प्रभा देवी हैं, जबकि दो बहनें दीपा व बबीता की दतिया शादी हो चुकी है। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
वहीं, बड़ागांव थानाध्यक्ष परवेंद्र कुमार ने बताया कि शुरुआती पड़ताल में मामला आत्महत्या का जान पड़ रहा है, पड़ताल जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ हो पाएगी।