झांसी । तहसील गरौठा के मौजा गुढ़ा में तैनात लेखपाल द्वारा किसान से हदबंदी के नाम पर रिश्वत लेते वीडियो वायरल होने से तहसील प्रशासन में हरकत में आ गया। शिकायत मिलने पर उपजिलाधिकारी गरौठा ने तैनात लेखपाल को निलंबित कर मामले की जाँच के आदेश तहसीलदार गरौठा को दिए है। मामला थाना लहचूरा क्षेत्र के ग्राम गुढ़ा का है जहां गुढ़ा निवासी हल्लू पुत्र भगोले अहिरवार उम्र करीब 65 वर्ष ने बताया कि उसके नाम मौजा गुढ़ा में चार एकड़ पचास डिशमिल कृषि भूमि है, जो मौके पर काफी कम है इस वजह से अपनी भूमि की पैमाइश कराने हेतु तहसील में करीब छह माह पूर्व हदबन्दी दायर की थी । नियमानुसार कोर्ट फीस जमा करने के बाद मौजूदा लेखपाल ने आदेश की नकल आदि कागजात के बहाने करीब दो हजार रुपये दो बार में लिए गए इसके बाद कई बार मिन्नतें करने के बावजूद लेखपाल आज कल की कहकर टरकाता रहा। पीड़ित ने पिछले दो दिन पूर्व जब लेखपाल से पैमाइश करने के लिए कहा तो लेखपाल ने स्पष्ट रूप से पैमाइश कराने के लिए पांच हजार रुपये की मांग की तथा पैसा जमा होने पर एक सप्ताह के अंदर पैमाइश करने का वादा किया। पीड़ित बड़ी मुश्किल से चार हजार रुपए का इंतजाम कर लेखपाल के पास पहुंचा और इससे अधिक पैसों की व्यवस्था न हो पाने की मजबूरी बताई। किसान की मजबूरी का फायदा उठाते हुए शेष एक हजार रुपए पैमाइश के दिन देने का फरमान सुनाया। पीड़ित के साथ में आये नाती ने इस रिश्वतखोरी की घटना को मोबाइल के कैमरे में कैद कर वायरल कर दिया। ऐसा मामला सामने आने पर ग्रामीणों ने भी लेखपाल पर आरोप लगाया कि खरीफ फसलों का मुआवजा उक्त लेखपाल द्वारा दलालों के माध्यम से पैसा लेकर गिने चुने लोगों को ही मिला है । ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव में जब से लेखपाल की तैनाती हुई है । तब से लेखपाल किसानों का शोषण कर रहा है । लेखपाल गांव के लोगों से कोई भी कार्य करने पर सुविधा शुल्क लिये बिना किसानों का कोई कार्य नहीं करता है । जिससे ग्राम वासी लेखपाल की मनमानी से काफी परेशान है। मारकुँआ क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से जाँच कराये जाने की मांग की है ।
उपजिलाधिकरी अशोक कुमार सिंह ने बताया है कि तहसीलदार गरौठा मनोज कुमार की आख्या पर लेेखपाल महाराज प्रसाद द्वारा खेत की पैमाई के नाम पर किसान से लिये चार हजार रुपये का बीडीओ वायरल होने पर शासन प्रशासन एवं तहसील की छवी धूमिल होने पर उपजिलाधिकारी ने मारकुँआ क्षेत्र एवं गुढा इंचार्ज लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए तहसीलदार गरौठा को जांच अधिकारी बनाया है।