रिले केंद्र से शहर भर में टीवी पर दिखने वाले दूरदर्शन को अब एंटीना के माध्यम से नहीं देख सकेंगे। प्रसार भारती ने झांसी किले में स्थित एनालॉग स्थलीय ट्रांसमिशन, दूरदर्शन केंद्र को 17 नवंबर से बंद करने का निर्णय कर लिया है। दूरदर्र्शन को अब सिर्फ निजी केबिल नेटवर्क और डीटीएच पर ही देखा जा सकता है।
वर्ष 1984 में झांसी किले के अंदर ही दूरदर्शन केंद्र का शुभारंभ किया गया था। इसके माध्यम से शहर भर की 20 से 25 किलोमीटर की परिधि में दूरदर्शन के चैनलों का प्रसारण होता था। जिससे लोग अपने घरों में साफ पिक्चर देख सकते थे। शहर में रिले केंद्र खुलने के पूर्व लोगों को अपने घरों पर बीस फीट की ऊंचाई पर एंटीना लगाना पड़ता था, लेकिन रिले केंद्र खुल जाने से छोटे एंटीना से साफ पिक्चर दिखाई देने लगी थी।
लेकिन अब शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में एंटीना के माध्यम से दिखने वाला दूरदर्शन को प्रसार भारती ने बंद करने का निर्णय लिया है। हालांकि अब दूरदर्शन के चैनलों को निजी केबिल और डीटीएच के माध्यम से देखा जा सकता है। लेकिन अब दूरदर्शन के चैनलों को देखने के लिए लोगों को रुपये देने होंगे।
'सरकार की नीति और विभाग के आदेश के तहत ही एनालॉग प्रसारण को बंद किया जा रहा है। सेट टॉप बॉक्स या डीटीएच के जरीये दूरदर्शन के चैनलों को देखा जा सकता है।'
-आरके वर्मा, सहायक अभियंता
अब भी ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में लोग दूरदर्शन के कार्यक्रमों को काफी पसंद करते हैं। खासतौर पर समाचार देखने लिए सुबह-शाम लोग दूरदर्शन को ही पसंद करते हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार की कृषि संबंधित योजनाएं, खेती के तरीके की जानकारी उनको मिल जाती है।
कर्मचारियों का होगा स्थानांतरण
किला स्थित दूरदर्शन रिले केंद्र में सात कर्मचारी कार्यरत हैं। केंद्र से प्रसारण बंद होने पर कार्यरत कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाएगा। कर्मचारियों को शासन के किस विभाग में स्थानांतरित किया जाएगा, इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी है।