संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। विकास कार्यों और बारिश ने ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दी है। पांच से 10 घंटे तक की देरी से चल रहीं ट्रेनों में यात्रियों को पीने का पानी भी नहीं मिल पा रहा है। जिन ट्रेनों में पैंट्रीकार है भी, उनके लेट होने के चलते ठंडा पानी गर्म हो जा रहा है। शनिवार को जब लेट ट्रेनें झांसी पहुंचीं तो ठंडे पानी के लिए यात्रियों ने वाटर वेडिंग मशीन की ओर दौड़ लगा दी। यहां भी यात्रियों को पानी लाइन में लगकर खरीदना पड़ा।
रेल मंडलों में चल रहे विकास कार्य और पूरे देश में हो रही मूसलाधार बारिश ने ट्रेनों की रफ्तार रोक दी है। दिल्ली और कानपुर की ओर से झांसी आने वालीं ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे की देरी से पहुंच रही हैं। शनिवार को भी झेलम एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, पातालकोट एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, दुर्ग हमसफर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें अपने निर्धारित समय से पांच से 10 घंटे की देरी से वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पहुंचीं। ट्रेन रुकते ही ठंडे पानी के लिए यात्रियों ने खाली बोतल लेकर वाटर वेडिंग मशीनों की ओर दौड़ लगाई। मशीनों पर पहले से ही लंबी लाइन लगी थी। ऐसे में उन्हें पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि दक्षिण भारत में हो रही तेज बारिश के चलते ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है।
- देरी से आईं ये ट्रेनें
वैष्णो देवी-डॉ. अंबेडकर नगर स्पेशल 12 घंटे
उत्कल एक्सप्रेस 9 घंटे
कैप्टन तुषार-दुर्ग एक्सप्रेस 7 घंटे
केरला एक्सप्रेस 6 घंटे
राप्ती सागर एक्सप्रेस 4 घंटे
महबूब नगर स्पेशल 4 घंटे
झेलम एक्सप्रेस 4 घंटे
बरौनी-ग्वालियर स्पेशल 3 घंटे
महाकौशल एक्सप्रेस 2 घंटे
निजामुद्दी-जबलपुर एक्सप्रेस 2 घंटे
गोवा एक्सप्रेस 2 घंटे
साईंनगर एक्सप्रेस 2 घंटे
कुशीनगर एक्सप्रेस एक घंटे