झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में ग्लूकोज की बोतलें खत्म हो गईं हैं। इलाज कराने आ रहे मरीजों को बाहर से ग्लूकोज समेत दवाइयों की खरीद करनी पड़ रही है। इससे मरीजों की जेब को आर्थिक चोट पहुंच रही है। कॉलेज प्रशासन सिर्फ इमरजेंसी में ही बोतलों की सप्लाई कर रहा है।
प्रदेश की सत्तारूढ़ अखिलेश सरकार मरीजों को बेहतर और सरकारी चिकित्सालयों में मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं देने का दंभ भर रही है, इसके ठीक उलट महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में सरकारी की बजाए प्राइवेट अस्पतालों जैसी सुविधाएं हैं। चिकित्सकों द्वारा बाहर की महंगी दवाइयां मंगवाने की बात किसी से छिपी नहीं है, अब तो पंद्रह से बाइस रुपये में मिलने वाली ग्लूकोस की बोतलें तक उन्हें बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं।
मेडिकल कॉलेज में ग्लूकोस की बोतलों की प्रतिदिन खपत 1500 से 1800 बोतलें हैं। मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने वार्डों, ओटी आदि में ग्लूकोज की बोतलों की सप्लाई पर रोक लगा दी है। अब सिर्फ इमरजेंसी में भर्ती मरीजों को ही बोतलें दी जा रही हैं। यह हालात बीते तीन-चार दिनों से बने हुए हैं।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरीशचंद्र आर्या ने कहा कि दवाओं का बजट खत्म हो गया है। बजट मिलने के बाद ही वार्ड आदि में भर्ती मरीजों को ग्लूकोज की बोतलें उपलब्ध कराईं जाएंगी।