फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कर्जदार किसानों का तैयार किया जा रहा है ब्योरा

Sat, 18 Mar 2017 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
कर्जदार किसानों का तैयार किया जा रहा है ब्योरा - फोटो : demo
विज्ञापन
भारतीय जनता पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र के अनुसार किसानों की कर्जमाफी की तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। इसके लिए स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) ने जिले के कर्जदार किसानों का ब्योरा मांगा है। अग्रणी जिला प्रबंधक कार्यालय में यह तैयार किया जाने लगा है। 
विज्ञापन

भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में लघु और सीमांत किसानों का कर्ज माफ किए जाने की घोषणा की थी। प्रदेश में पार्टी ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है। एक-दो दिन के भीतर प्रदेश की सत्ता पर भाजपा काबिज हो जाएगी। ऐसे में भाजपा की घोषणा को अमलीजामा पहनाने की तैयारियां तेजी से शुरू हो गई हैं। एसएलबीसी ने अग्रणी जिला प्रबंधक कार्यालय से कर्जदार किसानों का ब्योरा मांगा है। पूछा गया है कि जिले में कितने लघु और सीमांत किसान हैं और उन पर कितना कृषि कर्ज है? इसके लिए अग्रणी जिला प्रबंधक कार्यालय द्वारा सभी बैंकों से यह ब्योरा मांगा गया है।
कोट
‘एसएलबीसी की ओर से मांगी गईं सूचनाएं तैयार की जा रही हैं। सभी बैंकों से ब्योरा एकत्र कर एसएलबीसी को भेजा जाएगा।’
- सुनील कुमार चावला, अग्रणी जिला प्रबंधक 

साल दर साल बढ़ा किसानों पर कर्ज
वर्ष               कर्ज (अरब में)
2011-12      2.68
2012-13      3.67
2013-14      5.48
2014-15      6.27
2015-16      8.62
नोट - यह आंकड़े लघु और सीमांत के साथ-साथ वृहद किसानों के कर्ज के भी हैं। 

पचास हजार किसानों को राहत का इंतजार 
फरवरी 2015 में जिले में हुई ओलावृष्टि-अतिवृष्टि से रबी की पकी हुई फसल चौपट हो गई थी। किसानों को तीन अरब छप्पन करोड़ पचास लाख रुपये की क्षति हुई थी। फसल खराब होने से किसानों में हाहाकार की स्थिति पैदा हो गई थी। तब केंद्र व प्रदेश सरकारों ने किसानों को त्वरित मदद का भरोसा दिया था, लेकिन यह भरोसा हकीकत में नहीं बदल पाया। स्थिति यह है कि अब तक पचास हजार किसानों को मुआवजे की एक पाई भी नहीं मिल पाई है। उनके मुआवजे की पचपन करोड़ पचास लाख रुपये की धनराशि अब भी इंतजार है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें