बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में लगे पुस्तक मेले में सिनेमा के सौ साल के इतिहास से लेकर बच्चों की बाल कहानियों पर आधारित पुस्तकें भी हैं। इसके अलावा शोधार्थियों के लिए भी किताबें हैं।
अरोरा बुक डिपो के पास विषयों पर आधारित पुस्तकें हैं। यहां विज्ञान, प्रबंधन, बायोकेमिस्ट्री, इतिहास, बीएड, बीटीसी, बीएससी, इंजीनियरिंग, हिंदी, अंग्रेजी समेत बुंदेलखंड आधारित भी पुस्तकें मौजूद हैं। रानी झांसी का उपन्यास, हरिवंश राय बच्चन की मधुबाला, चेतन भगत की इंडियन गर्ल लोगों को पसंद आ रही है। साहित्य मंडल इलाहाबाद स्टाल पर हिंदी के समकालीन लेखकों जैसे राजेंद्र यादव, मैत्रेयी पुष्पा, मन्नू भंडारी, काशीनाथ सिंह, विष्णु नागर, महेश कटारे आदि की सिर्फ 50 रुपये में पुस्तकें उपलब्ध हैं। इसके अलावा सौ साल (1913 से 2012 तक) का हिंदी सिनेमा का इतिहास पर प्रहलाद अग्रवाल द्वारा लिखित हिंदी सिनेमा पुस्तक है।
सिनेमा प्रेमियों को इस पुस्तक से काफी जानकारी मिल सकती है। यहां आलोचना, उपन्यास, कहानी की पुस्तकें भी हैं। बच्चों के लिए बाल कहानियां, हास्य, उपन्यास, परी कथाएं, जासूसी की कहानियों की किताबें भी हैं। सस्ता साहित्य मंडल के स्टाल पर महाभारत कथा, जवाहर लाल नेहरू की हिंदुस्तान की कहानी, विश्व इतिहास की झलक, मुंशी प्रेमचंद की गोदान, नया मानसरोवर समेत कहानी, कथा, उपन्यास की पुस्तकें हैं। इसके अलावा इंडिका के स्टॉल पर विज्ञान, इंजीनियरिंग के साथ-साथ रिसर्च स्कॉलरों के लिए पुस्तकें हैं। मेले में यूनिवर्सिटी पब्लिकेशन का स्टाल भीे है।