परिवर्तित मार्ग से आने के कारण देरी से चल रही ग्वालियर बरौनी मेल छपरा मेल का संचालन बुरी तरह प्रभावित है। हालात यह है कि शुक्रवार को आने वाली गाड़ी शनिवार को झांसी आई। इस कारण कई आरक्षित यात्री शनिवार की गाड़ी समझकर ट्रेन में चढ़ गए, उनको बाद में ट्रेन से उतारा गया।
विगत 11 नवंबर से कानपुर के गंगाघाट पुल पर चल रहे मरम्मत कार्य के चलते ग्वालियर- बरौनी के मध्य चलने वाली छपरा मेल का संचालन लगातार पटरी से उतरता जा रहा है। ग्वालियर से आने वाली ट्रेन झांसी दोपहर 1.30 बजे व बरौनी से आने वाली गाड़ी शाम 6.30 बजे आती है। जो गाड़ी शाम 6.30 बजे झांसी होकर ग्वालियर पहुंचती है, वहीं गाड़ी अगले दिन दोपहर 11.30 बजे ग्वालियर से बरौनी के लिए रवाना होती है। बृहस्पतिवार की शाम बरौनी से आने वाली ट्रेन 24 घंटे देरी से ग्वालियर पहुंची, इस कारण शुक्रवार की ट्रेन अपने समय से रवाना नहीं हो सकी।
बाद में शुक्रवार को चलने वाली ट्रेन को 24 घंटे देरी से ग्वालियर से चलाया गया। ट्रेन के झांसी आने पर शुक्रवार और शनिवार को जाने वाले अधिकांश यात्री ट्रेन पर पहुंच गए। ट्रेन के आने पर जब एक की बर्थ पर दो यात्री अपना हक जमाने लगा, इससे कई यात्रियों के बीच विवाद की स्थिति भी बन गई। टिकट चेकिंग स्टाफ के दखल पर यात्रियों को सही जानकारी मिली। बाद में शनिवार को जाने वाले आरक्षित टिकट के यात्रियों को ट्रेन से उतरना पड़ा। हालांकि, इस दौरान एनाउंसमेंट के जरिये यात्रियों को ट्रेन की पोजीशन के बारे में बार- बार अवगत कराया जाता रहा। इसी तरह शनिवार को कानपुर की तरफ से आने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस भी सात घंटे विलंब से आई, जिससे मुंबई की तरफ जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।