मंगलवार से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य शुरू हो गया है। महानगर में राजकीय इंटर कॉलेज, नेशनल हाफिज सिद्दीकी इंटर कॉलेज, एसपीआई इंटर कॉलेज में परीक्षकों ने करीब पांच हजार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया। हालांकि पहले दिन परीक्षक कम संख्या में आए। जिला विद्यालय निरीक्षक कोमल यादव के अनुसार समस्त राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक जो मूल्यांकन में परीक्षक बतौर हैं उनकी उपस्थिति अनिवार्य है। बोर्ड ने अनुपस्थित परीक्षकों की सूची मूल्यांकन केंद्रों से मांगी है। इन पर कार्रवाई हो सकती है। जिले में इंटरमीडिएट की राजकीय इंटर कॉलेज में 4,106, हाफिज सिद्दीकी इंटर कॉलेज में 53,225, हाईस्कूल की लक्ष्मी व्यायाम मंदिर इंटर कॉलेज में 67,862 और एसपीआई इंटर कॉलेज में 68,725 उत्तर पुस्तिकाएं जांची जा रही है। जबकि लक्ष्मी व्यायाम मंदिर इंटर कॉलेज में बुधवार से मूल्यांकन कार्य शुरू होगा। मंगलवार को तीनों मूल्यांकन केंद्रों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होता दिखा। परीक्षकों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई और उन्हें मानक के अनुसार निर्धारित दूरी पर बैठाया गया। जीआईसी में 57, नेशनल हाफिज सिद्दीकी इंटर कॉलेज में 93 और एसपीआई इंटर कॉलेज में 95 परीक्षकों की मौजूदगी रही। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 16 एवं 17 मार्च को मूल्यांकन का कार्य शुरू हुआ था। लेकिन कोरोना वायरस से बचाव के कारण इसे रोक दिया गया था। मूल्यांकन केंद्रों का निरीक्षण संयुक्त शिक्षा निदेशक संजय यादव व जिला विद्यालय निरीक्षक कोमल यादव ने किया। शिक्षकों के पास बनवाने की मांग झांसी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रवीश त्रिपाठी ने प्रशासन व जिला विद्यालय निरीक्षक से मांग की कि मूल्यांकन केंद्रों में शीतल जल और सैनिटाइजर की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। इसके अलावा शिक्षकों के आने - जाने के पास भी बनवाए जाए। ताकि उन्हें इसके लिए भटकना न पडे़। कई शिक्षक ग्रामीण इलाकों से मूल्यांकन केंद्र तक आते है। जिलाध्यक्ष ने मूल्यांकन केंद्रों का भ्रमण कर शिक्षकों की समस्या भी जानी।