जिला अस्पताल में अब खून के कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) और हार्मोन की जांच होगी। इसके लिए राज्य सरकार ने अस्पताल प्रशासन को मशीनें मुहैया करवा दी हैं। उम्मीद है कि अगले हफ्ते जांच की सुविधा शुरू हो जाएगी। जांच की दरें शीघ्र ही तय हो जाएंगी। यह सुविधा निशुल्क भी हो सकती है। शासन के आदेश का इंतजार है।
जिला अस्पताल में पहले भी सीबीसी की जांच होती थी। मगर काफी समय पहले क्षेत्रीय निदान केंद्र में रखी इसकी मशीन खराब हो जाने के कारण जांच होनी बंद हो गई थी। मरीजों की सहूलियत के लिए महिला अस्पताल से समन्वय कर यहां जिला अस्पताल के मरीजों की जांच नि:शुल्क करवाई जा रही थी। हालांकि, इससे महिला अस्पताल पर मरीजों को बोझ बढ़ गया। अब प्रदेश सरकार ने जिला अस्पताल को ही सीबीसी मशीन उपलब्ध करवा दी है। इससे मरीजों को अस्पताल की पैथालॉजी में ही हीमोग्लाबिन, टीएलसी, डीएलसी समेत 17-18 प्रकार की जांच की सुविधा मिलेगी। वहीं, हार्मोन की जांच के लिए हार्मोन एनालाइजर मशीन भी आ गई है। हार्मोन एनालाइजर से थाइराइड और महिलाओं से संबंधित रोगों की जांचें हो सकेंगी।
हालांकि, अभी सरकार की ओर से ऐसी कोई गाइडलाइन नहीं आई है, जिसके तहत जांचों की दरों का पता चल सके। ये जांचें फ्री भी हो सकती है और न्यूनतम दरों पर भी। आगामी दस दिनों में जांच शुरू होने की उम्मीद है।
एसआरएल लैब में होती 190 जांचें
जिला अस्पताल में एसआरएल लैब पहले से ही खुली हुई है। इसमें 190 से अधिक प्रकार की जांचें होती हैं। इसमें लिवर फंक्शन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट, यूरिन कल्चर, ब्लड कल्चर, लिपिड प्रोफाइल, एचबी ए-वन-सी, डेंगू और मलेरिया टेस्ट आदि प्रमुख हैं। हालांकि, यहां सीबीसी नहीं होती है।
सरकार ने अस्पताल को सीबीसी और हार्मोन एनालाइजर मशीनें उपलब्ध करा दी हैं। मशीनों को चलाने का जिम्मा एक कंपनी को दिया गया है। कंपनी ही केमिकल और मैन पावर की व्यवस्था करेगी।
डॉ. बीके गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक