झांसी। युवक की नाक के एक तरफ के हिस्से में पर्दे में छेद करता हुआ ब्लैक फंगस दूसरी तरफ पहुंच गया। फंगस ने न तो आंख और न ही साइनस पर असर किया। हालांकि, तालू जरूर इसकी चपेट में आ गया। ईएनटी रोग विशेषज्ञ ने बुंदेलखंड में इस तरह का पहला मामला सामने आने की बात कही है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन करके फंगस को निकाला जाएगा।
महोबा निवासी 35 साल का युवक कुछ समय पहले कोरोना की चपेट में आ गया था। युवक पहले से ही मधुमेह का शिकार रहा है। कोरोना के इलाज के दौरान स्टेरॉयड चलने की वजह से उसकी शुगर और बढ़ गई। इसी बीच वह ब्लैक फंगस की चपेट में भी आ गया। हाल ही में उसने फाबुली पुरोहित नर्सिंगहोम के वरिष्ठ ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. जेपी पुरोहित को दिखाया। डॉक्टर ने जांचों के आधार पर ब्लैक फंगस होने की पुष्टि की।
डॉ. पुरोहित ने बताया कि ब्लैक फंगस युवक के इन्फीरियर टर्बिनेट से लगे हुए नाक के पर्दे में छेद करता हुआ दूसरी तरफ चला गया। तालू तक भी फंगस पहुंच जाने के कारण वह काला पड़ गया है। साइनस पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है और दोनों तरफ की आंख भी सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि नाक के हिस्से के साथ-साथ अब तालू को भी ऑपरेशन कर निकालना पड़ेगा। इससे युवक को खाना खाने में काफी दिक्कत होगी। इसके लिए नकली दांत और डेंचर लगवाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में इस तरह का पहला मामला सामने आया है।