अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। लोकसभा चुनाव में बुंदेलखंड का दुर्ग ध्वस्त होने में संघ की सक्रियता की कमी बड़ा कारण रहा है। वोटरों को घरों से निकालने वाली टोलियां भी चुनाव के दौरान क्षेत्रों में दिखाई नहीं दीं। इसके अलावा संघ-भाजपा नेताओं में समन्वय का अभाव भी दिखाई दिया है। यही कारण रहे कि पिछले दस सालों से भाजपा का गढ़ रहे बुंदेलखंड में समाजवादी पार्टी ने सेंध लगाई और चार में से तीन सीटों पर कब्जा कर लिया। भगवा टोली में यहां तक चर्चा है कि मोदी लहर में जीत सुनिश्चित मामले के अहंकार के चलते भाजपा नेताओं ने संघ को महत्व नहीं दिया। इसी के चलते समन्वय बैठकें नहीं हुईं। हालांकि भाजपा नेता समन्वय के अभाव से इन्कार कर रहे हैं।