झांसी। मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने पंचायत चुनाव टिकट वितरण में मनमानी का आरोप लगाते हुए एक पदाधिकारी के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामा होते देख पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर किसी तरह शांत कराया। इस मामले में पार्टी के नेता अपना पक्ष रखने से बचते रहे।
मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के पुरानी तहसील के पास स्थित कार्यालय में हंगामे की स्थिति पैदा हो गई। ग्रामीण क्षेत्र से दर्जनों की संख्या में पहुंचे पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एक पदाधिकारी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उनका आरोप था कि चुनाव हों या पार्टी का अन्य कोई कार्यक्रम, कार्यकर्ता सफल बनाने में अपनी जी- जान लगा देते हैं। लेकिन, चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं नजरअंदाज किया जाता है। प्रत्याशी चयन के लिए पार्टी में मंडल स्तर पर पैनल बनाए हैं, लेकिन पैनल द्वारा सुझाए गए नामों पर विचार नहीं किया जा रहा है।
आरोप लगाया कि बाहरी व्यक्तियों को टिकट दिया जा रहा है। नेता अपने रिश्तेदारों की पैरवी में जुटे हुए हैं। यहां तक कि उन्होंने पैसे लेकर टिकट देने का भी आरोप लगाया। इससे वहां हंगामे की स्थिति पैदा हो गई। सोशल मीडिया पर भी ये मामला तूल पकड़ा। जानकारी होते ही भाजपा के कुछ नेता कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने समझा-बुझाकर किसी तरह कार्यकर्ताओं को शांत कराया। हालांकि, इस मामले में नेता बोलने से बचते नजर आए।
पार्टी के पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संजीव श्रृंगीऋषि ने कहा कि प्रत्याशी तय करने का काम किसी पदाधिकारी के हाथ में नहीं है। इसके लिए अलग से समिति बनाई गई है। मंडल स्तर से नाम तय होकर ऊपर समिति के पास आ रहे हैं। प्रदर्शन करने आए कार्यकर्ताओं को भ्रम हो सकता है। बाकी, पार्टी की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है।